नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर मजबूती के संकेत दे रही है। सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस उपलब्धि पर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने संतोष व्यक्त करते हुए इसे भारतीय व्यापारियों की मेहनत और मजबूत आर्थिक गतिविधियों का परिणाम बताया है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, इससे पिछली तिमाही यानी अप्रैल, मई और जून में जीडीपी 7.8 प्रतिशत रही थी, जबकि 2024 में इसी तिमाही जुलाई, अगस्त और सितंबर में जीडीपी केवल 5.6 प्रतिशत थी। ऐसे में मौजूदा प्रदर्शन भारत की अर्थव्यवस्था की शक्ति को दर्शाता है।
अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ का असर नहीं
अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद कई विशेषज्ञों को आशंका थी कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, इसके बावजूद 8.2 प्रतिशत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ इस बात का प्रमाण है कि भारत की आर्थिक नींव बेहद मजबूत है। बृजेश गोयल ने बताया कि व्यापारियों, विशेषकर दिल्ली और देशभर में सक्रिय व्यापार समुदाय ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गांवों में उपभोग बढ़ा है और कई वस्तुओं पर जीएसटी दर में कमी के बाद आम लोगों की खरीद शक्ति में इजाफा हुआ है। इससे बाजार में बिक्री बढ़ी और आर्थिक गति तेज हुई।
जीएसटी में कमी से पक्के बिल पर कारोबार बढ़ा
गोयल ने आगे कहा कि जीएसटी में कमी से पक्के बिल पर कारोबार बढ़ा है, जिसका सीधा लाभ सरकार और उद्योग जगत दोनों को मिला है। जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि और नए रजिस्ट्रेशन की बढ़ती संख्या दर्शाती है कि व्यापार गतिविधियां तेजी से विस्तार कर रही हैं। इस वर्ष फेस्टिव सीजन के दौरान 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ा है और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी देखी गई है।
सीटीआई महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने उम्मीद जताई कि मौजूदा रफ्तार और सकारात्मक संकेतों को देखते हुए अगली तिमाही में भारत की जीडीपी 9 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार कर सकती है। उनका कहना है कि जीएसटी सुधार, उपभोग में वृद्धि और औद्योगिक क्षेत्र की मजबूती आने वाले महीनों में और बेहतर परिणाम दे सकती है।
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सीटीआई उपाध्यक्ष राहुल अदलखा और राजेश खन्ना ने बताया कि शेयर बाजार भी भारत की आर्थिक ताकत को दर्शा रहा है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 86,150 के पार और निफ्टी 26,300 के ऊपर पहुंच गया। भारत में वर्तमान समय में 19 करोड़ से अधिक डीमैट अकाउंट हैं और प्रतिदिन करीब एक लाख नए डीमैट खाते खोले जा रहे हैं। ऐसे में वैश्विक टैरिफ दबाव के बावजूद शेयर बाजार में तेजी यह साबित करती है कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर, मजबूत और निवेशकों के लिए आकर्षक बनी हुई है।



