मनरेगा जॉब कार्ड अब एक मिनट में हो जाएगा वेरीफाई

मनरेगा के 99.67% सक्रिय मजदूरों का आधार पहले से जुड़ चुका है, अब e-KYC से एक मिनट में जॉब कार्ड की जांच हो जाएगी। इससे फर्जी नाम हटेंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और सच्चे मजदूर को बिना रुकावट मजदूरी मिलती रहेगी।

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नई दिल्ली। देश में मनरेगा के तहत 26 करोड़ से ज्यादा मजदूर रजिस्टर्ड हैं। इनमें से जो अभी भी काम कर रहे हैं, उनमें 99.67% के आधार पहले से ही जॉब कार्ड से जुड़े हुए हैं। अब ग्रामीण विकास मंत्रालय ने फैसला किया है कि जॉब कार्ड की जांच-पड़ताल (verification) और नवीनीकरण (renewal) को और आसान बनाने के लिए e-KYC का इस्तेमाल किया जाएगा।

एक मिनट में पूरा हो जाएगा काम

अब ग्राम रोजगार सहायक या वर्कसाइट का मेट मोबाइल में NMMS ऐप खोलेगा, मजदूर की फोटो खींचेगा और आधार से तुरंत मिलान हो जाएगा। पूरी प्रक्रिया एक मिनट से भी कम समय में पूरी! यह काम काम वाली जगह पर, ग्राम पंचायत में या स्पेशल कैंप में, कहीं भी हो सकता है। नेटवर्क की दिक्कत न आए, इसके लिए भी राज्यों को पहले से कहा गया है।

अभी तक 56% मजदूरों का e-KYC पूरा

मंत्रालय ने बताया कि अभी तक 56% से ज्यादा सक्रिय मजदूरों का e-KYC हो चुका है। बाकी का काम जल्द पूरा करने को कहा गया है। जॉब कार्ड की जांच तो लगातार चलती रहती है, लेकिन हर 5 साल में नवीनीकरण जरूरी होता है। e-KYC से दोनों काम आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएंगे।

फर्जी नाम हटाने का सख्त लेकिन निष्पक्ष तरीका

कई बार शिकायत आती थी कि कुछ फर्जी या मरे हुए लोगों के नाम भी लिस्ट में रहते हैं। इन्हें हटाने के लिए 24 जनवरी 2025 को मंत्रालय ने विस्तृत SOP (मानक प्रक्रिया) जारी की है। इसमें साफ लिखा है कि बिना ठोस कारण और जांच के किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। मजदूर को पहले नोटिस दी जाएगी, सुनवाई का मौका मिलेगा और गलती होने पर नाम वापस जोड़ा जा सकेगा।

मजदूर का हक कोई नहीं छीन सकता

मंत्रालय ने साफ कहा है कि उनका मकसद किसी सच्चे मजदूर का हक मारना नहीं है। जो वाकई काम करना चाहता है, उसे बिना रुकावट 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी मिलती रहेगी। सिर्फ फर्जी और निष्क्रिय नामों को साफ किया जा रहा है ताकि पैसा सही हाथों तक पहुंचे।

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गांव-गांव तक पहुंचा प्रशिक्षण

ग्राम पंचायत के कर्मचारियों, रोजगार सहायकों और मेट को पहले से ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। कई जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी समझाया गया है कि e-KYC कैसे करना है। मंत्रालय लगातार राज्यों पर नजर रख रहा है कि SOP का पालन हो रहा है या नहीं। मनरेगा देश का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम है। 2.69 लाख ग्राम पंचायतों में चल रहा यह योजना अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो रही है। मजदूर को घर बैठे पता चल जाएगा कि उसका जॉब कार्ड एक्टिव है या नहीं और उसे काम मिलेगा या नहीं।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

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