नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच चल रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज इन दिनों सुर्खियों में है। दूसरा टेस्ट मुकाबला फिलहाल गुवाहाटी में खेला जा रहा है, जहां टीम इंडिया की कमान विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) संभाल रहे हैं। शुभमन गिल (Shubman Gill) चोट के कारण इस मैच से बाहर हैं, और उनकी गैरमौजूदगी में पंत को कप्तानी का मौका मिला है।
टेस्ट के बाद भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेंगी, जिसकी शुरुआत 30 नवंबर से होने वाली है। इसी वनडे सीरीज के लिए ऋषभ पंत को कप्तानी सौंपे जाने की संभावना तेज हो गई है।
क्यों पंत बन सकते हैं वनडे कप्तान?
गुवाहाटी टेस्ट में कप्तानी संभाल रहे पंत पहले भी टीम की जरूरत पड़ने पर कप्तान की भूमिका निभा चुके हैं। कोलकाता में हुए पहले टेस्ट में भी उन्हीं ने टीम की बागडोर संभाली थी और अब पूरे मैच में लीड करते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वनडे स्क्वाड में बदलाव हो रहे हैं और टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर चोट के चलते उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण टीम मैनेजमेंट विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसी वजह से पंत एक मजबूत दावेदार बनकर सामने आए हैं।
T20 में भी आजमाए जा चुके हैं पंत
ऋषभ पंत पहले भी भारत की T20 टीम की कप्तानी कर चुके हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में उनकी लीडरशिप में टीम ने 2-2 से सीरीज ड्रॉ की थी। पंत को फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट में भी कप्तानी का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में लखनऊ सुपरजायंट्स के कप्तान हैं और इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स की कमान भी संभाल चुके हैं। यह अनुभव उन्हें वनडे कप्तान के लिए और भी मजबूत विकल्प बनाता है।
रांची में होगा पहला वनडे
भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर को रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा। अगर चयन समिति पंत पर भरोसा जताती है, तो वह इस मैच में बतौर भारतीय वनडे कप्तान मैदान पर उतरेंगे। क्रिकेट फैन्स इस फैसले को लेकर उत्सुक हैं, क्योंकि यह भविष्य की कप्तानी संरचना तय कर सकता है।
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कौन बन सकता है उप-कप्तान?
सूत्रों के मुताबिक, यदि पंत को कप्तान नियुक्त किया जाता है, तो मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज केएल राहुल को उप-कप्तान की जिम्मेदारी मिल सकती है। राहुल पहले भी वनडे, टेस्ट और T20 तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी कर चुके हैं और अनुभव के आधार पर उनका चयन टीम संयोजन के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
भारतीय टीम में नेतृत्व को लेकर यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करते हुए नेतृत्व की नई दिशा तय करने की कोशिश दिखाई दे रही है। अब सबकी निगाहें चयन समिति और वनडे सीरीज पर हैं-क्या ऋषभ पंत को फुल-टाइम जिम्मेदारी मिलेगी या अंतिम समय में कोई और फैसला लिया जाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।



