दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट खरीदने-बेचने वालों पर रखें नजर

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने हाल ही में लाल किले के बाहर हुए आतंकवादी विस्फोट के बाद दिल्ली के पुलिस  कमिश्नर और मुख्य सचिव को एहतियाती और निवारक कदम उठाने का निर्देश दिया है। 

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नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए आतंकवादी विस्फोट के बाद दिल्ली के पुलिस आयुक्त और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को एहतियाती और निवारक कदम उठाने का निर्देश दिया है। उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से पुलिस आयुक्त और मुख्य सचिव को भेजे गए अलग-अलग पत्र में पुलिस को कई निर्देश दिए हैं।  राष्ट्रीय राजधानी में 10 नवंबर की शाम हुंडई i20 कार में हुए धमाके में 12 लोग मारे गए थे और करीब 24 लोग घायल हुए थे।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पत्र में कहा है कि दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट का निश्चित सीमा से अधिक कारोबार करने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट पर नजर रखी जाए।सीसीटीवी कैमरा कवरेज और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर नजर रखने के लिए भीड़भाड़ वाले बाजारों और बस अड्डों का सुरक्षा ऑडिट किया जाए।

एलजी के पत्र में क्या-क्या निर्देश दिए गए

1. एक निश्चित सीमा से अधिक अमोनियम नाइट्रेट खरीदने और बेचने वाली संस्थाओं का एक डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाए।

जिसमें अन्य संबंधित डिटेल के अलावा खरीदारों और विक्रेताओं की फोटो भी शामिल हो।

2. नागरिकों का ब्रेनवॉश करने के मकसद से कट्टरपंथी सामग्री की वैज्ञानिक ट्रैकिंग के लिए मेटा, ट्विटर ‘एक्स’ आदि सहित सोशल मीडिया प्लैटफार्मों के प्रमुखों के साथ बातचित करें।

3. कट्टरपंथ से ग्रस्त कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी को मजबूत करें। पुलिसिंग के लिए सामुदायिक आउटरीच और नागरिक जुड़ाव को भी बढ़ाया जाना चाहिए।

4. ऐसे मेडिकल प्रोफेशनल्स जिन्होंने दूसरे देशों से डिग्री ली है, उनकी जानकारी पुलिस डिपार्टमेंट के साथ भी शेयर की जानी चाहिए ताकि सेकेंडरी बैकग्राउंड चेक किया जा सके।

5. सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद-फरोख्त में लगे सभी डिजिटल प्लैट फॉर्म और फाइनेंसर के साथ चर्चा करें। साफ निर्देश दिए जाने चाहिए कि किसी भी हालत में ऐसी गाड़ियों को चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी जिनका असली मालिक रजिस्टर्ड मालिक से अलग हो। यह समस्या ऑटो रिक्शा के मामलों में सबसे ज्यादा गंभीर बताई जाती है, जहां परमिट होल्डर असली मालिक से अलग होता है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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