नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर जमाल खशोगी मर्डर केस (Jamal Khashoggi Murder Case) पर विवादित बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Mohammed Bin Salman) का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और वे हत्या से अनजान थे। हालांकि, यह दावा अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की उस रिपोर्ट के एकदम उलट है, जिसमें क्राउन प्रिंस को हत्या की मंजूरी देने वाला बताया गया था। 2018 में तुर्किये में खशोगी की निर्मम हत्या के बाद अमेरिका-सऊदी संबंधों में तनाव पैदा हुआ था।
व्हाइट हाउस में गर्मजोशी, लेकिन सवाल से भड़के ट्रंप
सात साल बाद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Mohammed Bin Salman) का व्हाइट हाउस पहुंचना अपने आप में बड़ा कूटनीतिक संकेत था। ट्रंप ने सैन्य सम्मान के साथ उनका स्वागत किया और मीडिया के सामने उनकी जमकर तारीफ की। लेकिन माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब एबीसी न्यूज की पत्रकार मैरी ब्रूस ने खशोगी हत्याकांड से जुड़े सवाल पूछ लिए। ट्रंप ने नाराज लहजे में कहा – “आप किसका पक्ष ले रही हैं?” उन्होंने खशोगी को “बहुत विवादित व्यक्ति” बताते हुए कहा कि कई लोगों को वह पसंद नहीं थे और “घटनाएं होती रहती हैं”। ट्रंप का कहना था कि मेहमानों के सामने इस तरह के सवाल पूछकर किसी को शर्मिंदा नहीं करना चाहिए। वहीं, क्राउन प्रिंस ने कहा कि सऊदी अरब ने मामले की जांच के लिए सभी जरूरी कदम उठाए थे।
विशेष रात्रिभोज में रोनाल्डो सहित कई दिग्गज शामिल
क्राउन प्रिंस के सम्मान में व्हाइट हाउस में आयोजित विशेष रात्रिभोज में वैश्विक खेल और उद्योग जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी शामिल थे, जो 2022 में सऊदी क्लब अल-नासर से जुड़ने के बाद से सऊदी फुटबॉल का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस रात्रिभोज के जरिए अमेरिका-सऊदी साझेदारी की मजबूती का संदेश देने की कोशिश की।
दोनों देशों के बीच हुए बड़े समझौते
व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया गया है। ये समझौते ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों की भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देंगे।
मुख्य समझौते
- परमाणु ऊर्जा सहयोग पर सहमति
- रक्षा क्षेत्र में बड़ा करार, जिसमें एफ-35 फाइटर जेट और 300 अमेरिकी टैंकों की खरीद शामिल
- एआई, क्रिटिकल मिनरल्स और उभरती तकनीकों पर लंबे समय के अनुबंध
- अमेरिका में सऊदी अरब द्वारा 1 ट्रिलियन डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा
- अमेरिका द्वारा सऊदी अरब को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी (Major Non-NATO Ally) का दर्जा देने का फैसला
- इन करारों से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने और भविष्य के रिश्तों में मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है।



