पटना: नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कल गुरुवार को वे 10वीं बार CM पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान में होगा। इसी के साथ पटना का गांधी मैदान नया इतिहास रचने जा रहा है। गांधी मैदान को एनडीए के रंग में रंग दिया गया है। मैदान में सभी सहयोगी दलों के झंडे लगे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नजर भाजपा के कमल छाप वाले झंडे आ रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो चुका है।

दो मंच, 11 राज्यों के CM और 150 खास मेहमान
समारोह के लिए दो भव्य मंच तैयार किए गए हैं। मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही एनडीए शासित लगभग 11 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। आयोजकों ने करीब 150 चुनिंदा मेहमानों को विशेष निमंत्रण भेजा है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए गांधी मैदान में तीन बड़े पंडाल लगाए गए हैं। वीआईपी के बैठने के लिए तीन लेयर में अलग-अलग व्यवस्था की गई है। विशेष अतिथियों के लिए सोफे लगाए गए हैं, जबकि आम जनता के लिए प्लास्टिक की कुर्सियां लगाई गई हैं।
11 राज्यों के सीएम होंगे शामिल
इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण में शामिल होने आ रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहण चरण मांझी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा शामिल हैं।
नीतीश के साथ दो डिप्टी CM भी ले सकते हैं शपथ
शपथ ग्रहण से पहले बुधवार को विधायक दलों की बैठकों का दौर चला। सुबह 11 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया जबकि विजय कुमार सिन्हा को उपनेता बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेता नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इससे पहले जदयू विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके बाद बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक हुई जिसमें नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
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शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान को क्यों चुना?
बिहार की राजनीति में गांधी मैदान बदलाव का गवाह रहा है। साल 1974 में जय प्रकाश नारायण ने यहीं से संपूर्ण क्रांति का शंखनाथ किया था। इस आंदोलन से नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, सहित कई नेता निकले। नीतीश कुमार गांधी मैदान में चौथी बार शपथ लेंगे।
जब गांधी मैदान बना शपथ का गवाह
| वर्ष | मुख्यमंत्री | शपथ ग्रहण स्थल | शपथ की तारीख | कार्यकाल समाप्ति |
|---|---|---|---|---|
| 1990 | लालू प्रसाद यादव | गांधी मैदान | 1990 | 3 अप्रैल 1995 |
| 2005 | नीतीश कुमार | गांधी मैदान | 24 नवंबर 2005 | 25 नवंबर 2010 |
| 2010 | नीतीश कुमार | गांधी मैदान | 26 नवंबर 2010 | 19 मई 2014 |
| 2015 | नीतीश कुमार | गांधी मैदान | 20 नवंबर 2015 | 26 जुलाई 2017 |



