नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में ‘वोट चोरी नहीं, बल्कि डकैती हुई है।’ बेंगलुरु में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने NDA की प्रचंड जीत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतना बड़ा जनादेश किसी भी तरह स्वीकार योग्य नहीं लग रहा है।
दोहरा शतक कैसे पार हो गया?
अखिलेश यादव ने कहा कि यह नतीजे समझ से परे हैं। उन्होंने कहा कि यह दोहरे शतक का नतीजा हमें पच नहीं रहा है। इतनी बड़ी संख्या में सीटें कैसे जीती जा सकती हैं? स्ट्राइक रेट इतना ज्यादा कैसे हो सकता है? हम इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि विपक्ष के कई दलों को बीजेपी से एक सीख लेनी चाहिए कि किस तरह वे सीटों के हिसाब से रणनीति तय करते हैं। उन्होंने कहा कि हम बीजेपी से जो सीखेंगे, उसे लागू करेंगे।
चुनाव आयोग और SIR पर गंभीर आरोप
SIR (Special Intensive Revision) को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। आयोग यह क्यों नहीं कह रहा कि वे किसी का वोट नहीं खोने देंगे?
अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई जगह SIR का दुरुपयोग हुआ है और उन बूथों पर ज्यादा रिविजन किया गया जहां पिछली बार बीजेपी हारती रही है। उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा बीजेपी आधे घंटे में आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा सकती है।
‘यह चोरी नहीं, डकैती है’
वोट चोरी के मुद्दे पर अखिलेश बोले यह कोई आरोप नहीं, सच्चाई है। यह मुद्दा चोरी से आगे, डकैती का है। उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में पुलिस ने हजारों वोटर्स को वोट डालने से रोका है।
डबल इंजन को हराया… लोग संविधान बचाना चाहते हैं
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने इस चुनाव में क्षेत्रीय दलों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सरकार कहती थी कि डबल इंजन की ताकत है, वहां हमने बेहतर प्रदर्शन किया। दिल्ली और लखनऊ दोनों इंजनों को, और उस जगह को जहां से सांप्रदायिक राजनीति की शुरुआत हुई थी, समाजवादी पार्टी ने हराया है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने BJP सरकारों के कार्यों से नाराज होकर वोट किया है और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान पर हो रहे हमलों का जवाब देने के लिए जनता ने समाजवादी पार्टी पर भरोसा जताया है।
बिहार के चुनावी नतीजों पर अखिलेश यादव के इन बयानो ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां NDA इसे जनमत का सम्मान बता रही है, वहीं विपक्ष के बड़े नेता अब खुलकर चुनाव प्रक्रिया और नतीजों पर सवाल उठा रहे हैं। अखिलेश का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ाने वाला है।



