नई दिल्ली: दिल्ली में सुबह से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। सुबह 9 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 425 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। शांत हवाएं, स्थिर वातावरण और प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बड़ा कदम उठाया है।
स्टेज-3 ग्रैप क्या है?
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) प्रदूषण नियंत्रण की चार स्टेज वाली योजना है। स्टेज-3 तब लागू होती है जब एक्यूआई 401 से 450 के बीच हो। पहले से स्टेज-1 और स्टेज-2 के नियम चल रहे थे, अब स्टेज-3 के सभी कड़े नियम एनसीआर के हर हिस्से में तुरंत लागू हो गए हैं।
निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी
निर्माण और तोड़फोड़ (सीएंडडी) गतिविधियों पर सबसे ज्यादा रोक लगाई गई है। खुदाई, ड्रिलिंग, पाइलिंग, विध्वंस, सीवर-वाटर लाइन बिछाना, ईंट-सीमेंट का काम, पेंटिंग और टाइल्स कटिंग जैसी धूल पैदा करने वाली सभी गतिविधियां पूरे एनसीआर में बंद कर दी गई हैं। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, हाईवे, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे जरूरी प्रोजेक्ट्स जारी रहेंगे, लेकिन सख्त नियमों के साथ।
खनन और पत्थर तोड़ने वाले उद्योग बंद
पूरे एनसीआर में पत्थर क्रशर और खनन से जुड़ी सभी गतिविधियां तुरंत बंद कर दी गई हैं। इससे धूल का बड़ा स्रोत खत्म हो जाएगा।
वाहनों पर कड़ी रोक
बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियां दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में नहीं चलेंगी। दिव्यांगों की व्यक्तिगत गाड़ियां को छूट है। दिल्ली में बीएस-4 या उससे कम मानक वाले डीजल मध्यम मालवाहक वाहन (एमजीवी) नहीं चलेंगे, सिवाय जरूरी सामान या सेवाओं के। दिल्ली के बाहर से आने वाले बीएस-4 डीजल हल्के मालवाहक वाहन (एलसीवी) भी शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
स्कूलों में हाइब्रिड क्लासेस
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी। यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प। ऑनलाइन चुनना छात्र-अभिभावकों की मर्जी पर है। बाकी एनसीआर क्षेत्रों में राज्य सरकारें ऐसा कर सकती हैं।
दफ्तरों के समय में बदलाव
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी दफ्तरों और नगर निगमों के समय स्टैगर (अलग-अलग) किए जाएंगे। बाकी एनसीआर में राज्य सरकारें फैसला लेंगी। केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में अपने दफ्तरों के लिए ऐसा कर सकती है।
नागरिकों से अपील
सीएक्यूएम ने लोगों से सहयोग मांगा है। छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल इस्तेमाल करें। कार पूलिंग करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट लें। घर से काम करने वाले वर्क फ्रॉम होम करें। कोयला-लकड़ी जलाना बंद करें। सुरक्षा गार्डों को इलेक्ट्रिक हीटर दें। एक साथ कई काम निपटाकर गाड़ी के चक्कर कम करें।
आगे की निगरानी
सीएक्यूएम की सब-कमिटी लगातार एक्यूआई पर नजर रखेगी। मौसम विभाग (आईएमडी) और आईआईटीएम की भविष्यवाणी के आधार पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। ग्रैप के सभी नियम https://caqm.nic.in पर उपलब्ध हैं।



