बिहार में रिकॉर्ड 66.91% मतदान, महिलाओं की भागीदारी अधिक

बिहार विधानसभा चुनाव में 66.91% मतदान हुआ। महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया। एनडीए सरकार की योजनाओं के कारण बंपर वोटिंग हुई। तमाम एग्जिट पोल में राजग को बहुमत मिलने का अनुमान है।

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पटना: देश की आजादी के बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने इतिहास रच दिया। पहली बार रिकॉर्ड 66.91 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। पहले चरण में छह नवंबर को 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, मंगलवार को दूसरे चरण में 68.76 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके साथ ही सभी 243 विधानसभा क्षेत्र में छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया। पुरुष मतदाताओं का मतदान 62.8% और महिला मतदाताओं का मतदान 71.6% रहा। सियासी जानकारों का कहना है कि बंपर वोटिंग के पीछे एनडीए सरकार की ओर से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत हर परिवार की महिला को 10 हजार रुपये एवं लगभग दो करोड़ परिवार को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाना है।

बंपर बोटिंग के तीन प्रमुख कारण

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियान के साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ने के पीछे वैसे तो कई कारण हैं। लेकिन इनमें तीन मुख्य हैं। पहला व मुख्य कारण दिवाली एवं छठ में विभिन्न राज्यों में प्रवास करने वाले मतदाताओं के लिए दिवाली एवं छठ पर 13 हजार से अधिक ट्रेनें चलाने एवं आए हुए लोगों का मतदान के लिए रुकना है। दूसरा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) और तीसरा विभिन्न राजनितिक दलों की ओर मतदाताओं के लिए घोषणा वगैरह सम्मिलित है।

एग्जिट पोल में फिर राजग सरकार

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के बाद आए एक्जिट पोल के अनुमानों में राजग को पूर्ण बहुमत के साथ राज्य की सत्ता में वापसी करते हुए दिखाया गया है। विभिन्न एजेंसियों के एक्जिट पोल के अनुसार, राजग आसानी से 122 के जरूरी बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 140-150 सीटें जीत सकता है।

यदि चुनाव नतीजे एक्जिट पोल के आकलनों के अनुरूप रहे तो महागठबंधन के बदलाव की गूंज पर राजग के विकास का नारा भारी पड़‌ता नजर आ रहा है। चुनाव नतीजों के रुझानों से साफ है कि बिहार में नीतीश राज कायम रहेगा यानी सत्ता की डगर एक बार फिर राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव से दूर रह सकती है।

वहीं, बिहार में वैकल्पिक राजनीति का तीसरा कोण बनाने की प्रशांत किशोर की मुहिम चुनावी पिच पर कमजोर दिखी उनकी पार्टी जनसुराज प्रतिष्ठा बचाने लायक सीटें भी जीतने की स्थिति में नहीं दिख रही है। एक्जिट पोल में जनसुराज पार्टी को जीरो से लेकर पांच सीटें मिलने तक की संभावना जताई गई है।

पहली बार विदेशी डिप्लोमेट ने देखा चुनाव

इस वर्ष पहली बार, अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया जैसे छह देशों के 16 प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया का दौरा किया और उसे देखा। प्रतिनिधियों ने बिहार चुनावों की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी, कुशल और सहभागी चुनावों में से एक है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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