नई दिल्ली: राजधानी में ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में वन्यजीवों की देखभाल को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों जीवों की खुराक में पौष्टिक व गर्म तत्व जोड़े गए हैं, ताकि सर्दी की मार से उनकी सेहत और ऊर्जा बरकरार रहे। चिड़ियाघर में करीब 1,200 से अधिक वन्यजीव हैं, जिनकी सक्रियता बनाए रखने के लिए प्रबंधन ने डाइट में गुड़, गन्ना, अखरोट, मूंगफली, शहद और हल्दी जैसे उत्पाद शामिल किए हैं।मांसाहारी जानवरों जैसे शेर, बाघ और तेंदुए की डाइट बढ़ाई गई है, जहां उन्हें रोजाना 12 किलोग्राम मांस परोसा जा रहा है।
एक अधिकारी ने बताया, “ठंड में इनकी भूख और ऊर्जा की जरूरतें बढ़ जाती हैं, इसलिए हाई प्रोटीन युक्त भोजन दिया जा रहा है।” शाकाहारी जीवों में हिरण, बंदर और हाथी शामिल हैं। हाथियों को विशेष रूप से राई, हल्दी, लौंग और सरसों के तेल से बनी स्वादिष्ट खिचड़ी दी जा रही है, जबकि गुड़ और गन्ना सभी शाकाहारी जानवरों की डाइट का हिस्सा हैं। सरीसृपों जैसे अजगर के लिए पुआल की चटाई बिछाई गई है, जो उन्हें गर्माहट प्रदान करती है।प्रबंधन के अनुसार, आने वाले दिनों में बाड़ों में हीटर लगाए जाएंगे और ठंड बढ़ने पर पुआल व घास का अधिक इस्तेमाल होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम वन्यजीवों को तनावमुक्त रखते हैं और उनकी प्राकृतिक आदतों को बनाए रखने में मदद करते हैं।
रविवार को 15,292 आगंतुकों की भीड़, बच्चों में उत्साह
चिड़ियाघर के पुनः खुलने के दूसरे दिन रविवार को कुल 15,292 आगंतुकों ने दौरा किया, जिसमें पांच स्कूलों के 262 छात्र भी शामिल थे। सर्दियों में वन्यजीवों की गर्म खुराक, हीटर और विशेष देखभाल की व्यवस्थाओं ने आगंतुकों का ध्यान खींचा। शेर, बाघ, हाथी जैसे जीवों की इन तैयारियों को देखकर परिवारों और बच्चों में खासा उत्साह देखा गया, जिससे चिड़ियाघर में रौनक लौट आई है। प्रबंधन का दावा है कि ये इंतजाम न केवल जानवरों की सेहत के लिए जरूरी हैं, बल्कि विजिटर्स के अनुभव को भी समृद्ध बनाते हैं।



