नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 122 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में एनडीए की ओर से बीजेपी और महागठबंधन की तरफ से आरजेडी की साख दांव पर लगी हुई है। सीमांचल से लेकर शाहबाद-मगध का सीट सियासी लिहाज से कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ तक ने कई जनसभाएं की।
राजद-भाजपा की अग्नि परीक्षा
दूसरे चरण में एनडीए में सबसे ज़्यादा सीटों पर बीजेपी चुनाव मैदान में है, पार्टी 53 सीटों पर किस्मत आज़मा रही है। वहीं जेडीयू के उम्मीदवार 44 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतनराम मांझी की पार्टी अपने कोटे की सभी 6 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम 4 सीटों पर जबकि एलजेपी (रामविलास) 15 सीटों पर मैदान में है। महागठबंधन की ओर से आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में 71 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस 37 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, जन सुराज इस चरण में 120 सीटों पर अपनी किस्मत आज़मा रही है।
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तेजस्वी के सामने चुनौती
सीमांचल और शाहाबाद-मगध क्षेत्र की लड़ाई ने एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए सियासी समीकरणों को पेचीदा बना दिया है। एक ओर एनडीए को सत्ता तक पहुंचने के लिए इन इलाक़ों में मज़बूती दिखानी होगी, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के सामने अपनी सियासी पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी और प्रशांत किशोर जैसे नेताओं का फ़ैक्टर इस चुनावी जंग में अहम भूमिका निभा सकता है।



