नई दिल्ली: अब अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और पीएम केयर्स बाल योजना के बच्चों को महंगी कोचिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 7 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के शास्त्री भवन में फिजिक्स वाला फाउंडेशन के साथ समझौता किया। इसके तहत 15,000 बच्चों को पूरी तरह मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।
यूपीएससी से बैंकिंग तक, सबकी तैयारी मुफ्त
फिजिक्स वाला अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, टेस्ट सीरीज, मेंटरशिप, काउंसलिंग और पढ़ाई की सारी सामग्री मुफ्त देगा। बच्चे घर बैठे यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। यह सुविधा सिर्फ नाम मात्र की नहीं, बल्कि बिल्कुल उच्च गुणवत्ता वाली होगी।
पैसा नहीं लगेगा, सिर्फ मेहनत चाहिए
यह समझौता पूरी तरह गैर-वित्तीय है। सरकार को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। विभाग पारदर्शी तरीके से बच्चों का चयन करेगा और फिजिक्स वाला बिना किसी शुल्क के सारी सुविधा देगा। यानी बच्चे को सिर्फ पढ़ना है, पैसों की चिंता नहीं।
सचिव बोले – सपनों को पंख मिलेंगे
समारोह में विभाग के सचिव ने कहा कि यह कदम वंचित बच्चों को बराबरी का मौका देगा। डिजिटल शिक्षा से हमारा युवा बड़ी परीक्षाओं में सफल होकर देश की सेवा कर सकेगा।” उन्होंने इसे समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पीएम केयर्स के बच्चों को भी बड़ा तोहफा
कोरोना में माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए बनी पीएम केयर्स बाल योजना के बच्चों को भी यह सुविधा मिलेगी। उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में यह एक और मजबूत कदम है।
संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य से जुड़ा कदम
यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-4 (एसडीजी-4) से सीधे जुड़ी है, जिसमें हर बच्चे को अच्छी और समान शिक्षा का वादा है। सरकार ने इसे “समावेशी मानव संसाधन विकास” का नाम दिया है।
घर बैठे मिलेगी कोचिंग की सुविधा
इंटरनेट और मोबाइल होने पर बच्चा कहीं से भी पढ़ सकेगा। गांव हो या छोटा शहर, अब कोचिंग सेंटर जाने की जरूरत नहीं। लाइव डाउट सेशन, मेंटर की सलाह और टेस्ट सीरीज़ सब कुछ फोन पर उपलब्ध होगा।
15,000 बच्चों का नया सफर शुरू
चयन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पात्र बच्चे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एक बार चयन हो गया तो पूरी कोचिंग मुफ्त मिलेगी। यह मौका उन बच्चों के लिए है जो मेहनत करना चाहते हैं, लेकिन पैसे की कमी आड़े आती थी।
सपने सच करने की नई शुरुआत
यह समझौता सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के सपनों को पंख देगा। आने वाले दिनों में हम एससी-ओबीसी और पीएम केयर्स के बच्चे बड़े-बड़े पदों पर जरूर देखेंगे। यह भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम है।



