नई दिल्ली: केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग की तकनीकी शाखा दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई (आईआईटी मुम्बई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। 7 नवंबर 2025 को हुए इस समझौते का मकसद 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित नेटवर्क, उपग्रह संचार और अगली पीढ़ी के दूरसंचार मानकों को विकसित करना है। इससे भारत न सिर्फ अपनी तकनीकी जरूरतों के हिसाब से मानक बनाएगा, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी अपनी आवाज मजबूत करेगा।
6जी और एआई पर खास जोर
इस साझेदारी में 6जी तकनीक को सबसे ऊपर रखा गया है। दोनों संस्थान मिलकर 6जी के ढांचे, नई तकनीकों का अध्ययन और 3जीपीपी जैसे वैश्विक मंचों में भारत का योगदान बढ़ाएंगे। साथ ही एआई की मदद से नेटवर्क को और बुद्धिमान बनाया जाएगा। स्वचालित रखरखाव, खराबी की पहले से भविष्यवाणी और तेज निर्णय जैसे काम एआई से आसान होंगे। 6जी में एआई को शुरू से ही जोड़ने का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
उपग्रह संचार से गांव तक पहुंचेगा इंटरनेट
शहरों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए सस्ते और स्वदेशी उपग्रह टर्मिनल बनाए जाएंगे। ये टर्मिनल ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क और सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) के काम आएंगे। इससे डिजिटल इंडिया का सपना और करीब आएगा।
कोर नेटवर्क और सिग्नलिंग में नई पहल
दूरसंचार का मुख्य नेटवर्क (कोर नेटवर्क) और सिग्नलिंग प्रोटोकॉल को मजबूत बनाने पर भी काम होगा। एनजीएन, वीओआईपी, आईएमटी-2030 जैसे नए मानकों पर दोनों संस्थान मिलकर शोध करेंगे। इससे नेटवर्क तेज, सुरक्षित और किफायती बनेगा।
वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति
टीईसी और आईआईटी मुम्बई मिलकर अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) और 3जीपीपी में भारत के प्रस्ताव मजबूती से रखेंगे। इससे दुनिया के मानक बनाने में भारत की भूमिका बढ़ेगी और हमारी तकनीक को वैश्विक पहचान मिलेगी।
आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का नया दौर
यह साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगी। स्वदेशी मानक, परीक्षण व्यवस्था और घरेलू समाधान विकसित होंगे। विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी और देश का महत्वपूर्ण संचार ढांचा सुरक्षित रहेगा।
समझौते पर किसने किए हस्ताक्षर
समझौते पर टीईसी की ओर से उप महानिदेशक (मोबाइल प्रौद्योगिकी) अमित कुमार श्रीवास्तव और आईआईटी मुम्बई की ओर से डीन (आरएंडडी) प्रो. सचिन पटवर्धन ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में टीईसी के वरिष्ठ उप महानिदेशक सैयद तौसीफ अब्बास, उप महानिदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) जितेंद्र बी. चव्हाण और आईआईटी मुम्बई के प्रो. प्रसन्ना एस. चापोरकर मौजूद रहे।
आगे की राह
यह समझौता दोनों संस्थानों को एक औपचारिक ढांचा देता है ताकि वे लगातार नई तकनीकों पर मिलकर काम कर सकें। आने वाले वर्षों में भारत 6जी और एआई के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शुमार हो सकता है।



