नई दिल्ली: कल्पना कीजिए, एक ऐसा देश जहां आने वाली नस्लें कभी धुएं की लत में न फंसें। मालदीव ने ये सपना हकीकत बना दिया है। 1 नवंबर 2025 से लागू इस ऐतिहासिक कानून ने 2007 के बाद पैदा हुए हर शख्स चाहे वो लोकल हो या घूमने आए टूरिस्ट के लिए सिगरेट, तंबाकू, ई-सिगरेट या वेपिंग पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। ये सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है, जो मालदीव को ग्लोबल हेल्थ क्रांति का चेहरा बना रही है।
स्वस्थ कल के लिए मजबूत इरादा
करीब साढ़े पांच लाख लोगों का ये छोटा-सा द्वीप राष्ट्र पहले से ही वेपिंग पर सख्त था, लेकिन अब तंबाकू को जड़ से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने साल की शुरुआत में इस बिल को हरी झंडी दी। उनका मानना है कि ये कदम लोगों को फिट लाइफस्टाइल की ओर धकेलने का बड़ा हथियार बनेगा। हेल्थ मिनिस्ट्री का कहना है, “ये तंबाकू-फ्री जेनरेशन का पहला कदम है, जो हर नागरिक की सेहत को प्रोटेक्ट करेगा।” मालदीव अब दुनिया का इकलौता ऐसा मुल्क है, जहां पूरी युवा पीढ़ी को स्मोकिंग से दूर रखने का ऐसा साहसिक प्लान लागू हो गया।
उल्लंघन पर भारी जुरमाना, दुकानदार सतर्क
कानून जितना सख्त, उतना ही साफ। दुकानदारों को हर खरीदारी पर उम्र चेक करनी होगी। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के बच्चे को तंबाकू बेचा, तो 50,000 मालदीवियन रूफिया (लगभग 2.88 लाख रुपये) का फाइन। वहीं, वेपिंग या ई-सिगरेट पकड़े जाने पर 5,000 रूफिया (करीब 29,000 रुपये) का चालान। ये नियम ‘टोबैको एंडगेम’ कैंपेन का हिस्सा हैं, जो धीरे-धीरे तंबाकू को बैन करने की वैश्विक मुहिम है। याद है, न्यूजीलैंड ने 2022 में ऐसा ही ट्राई किया था। 2009 के बाद वालों को सिगरेट न बेचने का कानून। लेकिन 2024 में वो रद्द हो गया। मालदीव ने वो गलती नहीं दोहराई।
वैश्विक संकट में मालदीव की मिसाल
तंबाकू हर साल 80 लाख जिंदगियां निगल लेता है, इनमें 15 लाख तो पैसिव स्मोकिंग के शिकार। WHO के मुताबिक, 13 अरब स्मोकर्स में 80 पर्सेंट गरीब-मध्यम देशों से हैं। मालदीव ने दिखा दिया कि छोटा देश भी बड़ा बदलाव ला सकता है। 1 रूफिया = 5.75 रुपये के हिसाब से ये फाइन छोटे नहीं लगते। ये कदम न सिर्फ लोकल हेल्थ को बूस्ट देगा, बल्कि टूरिज्म को भी साफ-सुथरा इमेज देगा।
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क्या ये ट्रेंड बनेगा? आपकी थाली में क्या?
मालदीव का ये स्टेप दुनिया को चैलेंज कर रहा है कि क्या भारत जैसे देश भी ऐसे कदम उठाएंगे? अगर आपका बच्चा या भाई-बहन स्मोकिंग की गिरफ्त में है, तो ये खबर सोचने पर मजबूर करेगी।




