राज्यपाल का R&D मीटिंग में नवाचार पर जोर

राज्यपाल ने R&D मीटिंग में कहा कि संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर नवाचार इकोसिस्टम बनाएं, क्योंकि राज्य का विकास ही देश का विकास है। दो दिनों के इंटरैक्टिव सेशन में सभी ने कुशल और सहयोगी R&D सिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

Share This Article:

नई दिल्ली: उत्तराखंड के राज्यपाल ने दो दिवसीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) मीटिंग के समापन समारोह में कहा कि नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एकेडमिक संस्थानों, उद्योगों और सरकारों का आपस में मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य का विकास ही देश का विकास करेगा, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर इनोवेशन की मजबूत जरूरत को रेखांकित किया गया।

राज्यपाल का मुख्य संदेश

राज्यपाल ने अपने भाषण में बताया कि आज के समय में तेज विकास के लिए नई खोजें और तकनीकें जरूरी हैं। लेकिन ये तभी संभव होंगी जब विश्वविद्यालय, रिसर्च लैब्स, कंपनियां और सरकार एक साथ आएं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई विकसित देशों में यही मॉडल कामयाब रहा है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में भी स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय समाधान निकालने चाहिए, जैसे पर्यावरण, कृषि और पर्यटन में नवाचार। राज्यपाल ने कहा कि R&D को बढ़ावा देने से रोजगार बढ़ेगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को मौके मिलेंगे।

दो दिनों की गतिविधियां

मीटिंग दो दिन तक चली। पहले दिन विशेषज्ञों ने लेक्चर दिए और R&D की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। दूसरे दिन इंटरैक्टिव सेशन हुए, जहां एकेडमिक संस्थानों के प्रोफेसर, रिसर्च लैब्स के वैज्ञानिक और सरकार के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे किस तरह की रिसर्च चाहते हैं और संस्थानों से क्या उम्मीद रखते हैं। सेशन में स्टार्टअप्स, फंडिंग और पेटेंट जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। सभी ने माना कि बाधाएं हैं, लेकिन मिलकर इन्हें दूर किया जा सकता है।

सामूहिक प्रतिबद्धता और आगे की योजना

समापन में सभी ने एकजुट होकर प्रतिबद्धता जताई कि भारत में एक मददगार, कुशल और सहयोगी R&D इकोसिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए नियमों को आसान करना, फंडिंग बढ़ाना और जानकारी साझा करने की व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने घोषणा की कि उत्तराखंड सरकार जल्द ही एक ‘इनोवेशन हब’ शुरू करेगी, जहां संस्थान और उद्योग मिलकर प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। मीटिंग से साफ संदेश गया कि अब केवल बातें नहीं, बल्कि अमल की जरूरत है।

महत्व और असर

यह मीटिंग उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। राज्यपाल की बात से प्रेरित होकर कई संस्थानों ने तुरंत सहयोग की पेशकश की। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में कदम मजबूत होंगे। क्षेत्रीय नवाचार से राष्ट्रीय विकास को गति मिलेगी और युवा वैज्ञानिकों को प्लेटफॉर्म मिलेगा। मीटिंग ने साबित किया कि जब सभी पक्ष एक मंच पर आते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। 

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.