पटना: बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई दुलारचंद की हत्या के आरोप में बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटना पुलिस ने शनिवार देर रात उनको गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह सहित अन्य सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए पटना पुलिस ने रातभर छापेमारी की। पुलिस अबतक करीब 80 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले चुकी है, जबकि दूसरी ओर नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। यह पूरा मामला बिहार चुनाव के बीच गरमाया हुआ है।
पुलिस अनंत सिंह को देर रात पटना लेकर पहुंची
मोकामा हत्याकांड मामले में कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस मुख्य आरोपी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर देर रात पटना लेकर पहुंची। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे पटना एसएसपी ऑफिस के DIU सेल में रखा गया है। वहीं, पुलिस की कई टीमें रातभर छापेमारी कर अन्य आरोपियों और संदिग्धों की तलाश में जुटी रहीं। अब तक 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है और आज अनंत सिंह समेत तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इलाके में तनाव का माहौल है
बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस तेजी से इस मामले की जांच में जुटी है। दुलारचंद यादव के परिजनों ने इस हत्या के मामले में कर्मवीर, राजवीर और छोटन सिंह को मुख्य रूप से नामजद किया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मोकामा, पंडारक और आस-पास के इलाकों में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। साथ ही, इस मामले में दूसरे पक्ष के आरोपी पीयूष प्रियदर्शी समेत कई अन्य लोगों पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है।
वीडियो फुटेज की जांच कर पुलिस आरोपियों की रही पहचान
पंडारक में हुई हिंसा और बवाल के वीडियो फुटेज की छानबीन के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को चिह्नित किया है। इन वीडियो के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई पर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर है। इस बीच पुलिस आज अनंत सिंह, उनके करीबी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी। पुलिस फिलहाल इनकी न्यायिक हिरासत की मांग करेगी, जिसके बाद इन्हें जेल भेजा जा सकता है। अनंत सिंह पर इस हत्याकांड के अलावा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का भी केस दर्ज किया गया है।
मालूम हो कि मोकामा विधानसभा सीट पर NDA समर्थित जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच 30 अक्टूबर को भदौर और घोस्वारी थाना क्षेत्र में हिंसक झड़प हो गई। पथराव और बवाल के दौरान दुलारचंद यादव घायल हो गए थे। शुरुआत में गोली लगने की अफवाह फैली, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ किया कि उनकी मौत किसी भारी चीज से चोट लगने के कारण पसलियां टूटने से कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से हुई।
डीजीपी विनय कुमार की प्रेसवार्ता
बिहार के डीजीपी विनय कुमार रविवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 30 तारीख को जो घटना हुई थी उस घटना को संवेदनशीलता के साथ लिया गया। दो उम्मीदवार के समर्थक विपरीत दिशा से जा रहे थे। उसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। उसके बाद पत्थर बाजी शुरू हो गई। वीडियों में दुलारचंद यादव भी पत्थरबाजी करते हुए दिख रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य लोग भी दिख रहे हैं। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। जिसकी पूरी वीडियोग्राफी कराई गई। पीड़ित पक्ष के द्वारा भी वीडियो ग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है फेफड़ा और हृदय का जो एरिया है वहां पर कंप्रेशन हुआ है। जाँच चल रहीं हैं। जन सुराज के उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष की भी होगी गिरफ्तारी अभी तक 80 से अधिक गिरफ्तारियां हुई है। दूसरे पक्ष की तरफ से जो FIR कराई गई है। उस मामले में भी जांच होगी। दूसरे पक्ष पर भी कार्रवाई होगी गिरफ्तारी होगी। जिला पुलिस और सीआईडी संयुक्त रूप से कम कर रही है। इस समय पुलिस की प्राथमिकता है 6 नवंबर को चुनाव शांतिपूर्ण कराना है।



