नई दिल्ली: आज यानी 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। पुराणों के मुताबिक इस दिन तुलसी कर शालिग्राम का विवाह हुआ था। इस वजह से देवउठनी एकादशी के दिन से शादियों का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु 4 महीने योगनिद्रा में रहते है और देवउठनी एकादशी के दिन जाग जाते हैं। गृह प्रवेश हो या अन्य मांगलिक कार्य, इसकी शुरुआत आज से शुरू हो जाती है।
कल से शादी का सीजन शुरू
इस बार शादियों का सीजन 2 नवंबर से शुरू हो जाएगा, यह 6 दिसंबर तक चलेगा। सामान्यतयः शादियों का मुहूर्त 15 दिसंबर तक रहता है। इसके बाद धनुर्मास शुरू होने के कारण, शादियां नहीं होती है। शुक्र के अस्त होने की वजह से इस बार दिसंबर में ज्यादा मुहूर्त नहीं है। नवंबर में 2,3,6,8,12,13,16,17,18,21,22,23,25,30 शादी के लिए शुभ मुहूर्त है। वहीं दिसंबर में 4,5,6 को शुभ मुहूर्त है।
2026 में शादी का मुहूर्त
हर साल 15 जनवरी को धनुर्मास समाप्त होते ही विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। इस साल शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण जनवरी में विवाह का एक भी शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा। हालाँकि, देश में कुछ जगहों पर 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन विवाह संपन्न होंगे, क्योंकि कुछ लोग पारंपरिक रूप से इस दिन को विवाह के लिए एक महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त मानते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, 2026 का पहला विवाह मुहूर्त 5 फरवरी को होगा। साल का आखिरी मुहूर्त 6 दिसंबर को होगा। साल भर में कुल 59 विवाह मुहूर्त रहेंगे।
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तुलसी-शालिग्राम का विवाह
आज, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर, देवताओं को जगाने की परंपरा है। अर्थात, पिछले चार महीनों से योग निद्रा में सोए भगवान विष्णु को शंख बजाकर जगाया जाता है। दिन भर भव्य पूजा-अर्चना और आरती होती है। शाम को, शालिग्राम रूपी भगवान विष्णु और तुलसी रूपी देवी लक्ष्मी का विवाह होता है। घरों और मंदिरों को सजाया जाता है और दीप जलाए जाते हैं।



