पटना: बिहार की मोकामा विधानसभा सीट एक बार फिर चुनावी हिंसा के चलते सुर्खियों में है। गुरुवार को पंडारक प्रखंड के भदौर थाना क्षेत्र में जन सुराज प्रत्याशी के समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर और फिर वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद क्षेत्र का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हत्या के विरोध में ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और स्थानीय पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल की तैनाती की गई है।
जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह समेत पांच पर हत्या का केस
दुलारचंद यादव की हत्या के करीब 18 घंटे बाद, शुक्रवार को पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों के भारी विरोध के बीच दुलारचंद यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडल अस्पताल भेजा। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच शव उठाने को लेकर कई बार तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच, देर रात पुलिस ने मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान के आधार पर मोकामा के जदयू प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर और कर्मवीर सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
हमले पर पलटवार, जन सुराज प्रत्याशी पर भी FIR
मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। अनंत सिंह की ओर से हरनौत नालंदा निवासी जितेंद्र कुमार ने भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी, लखन महतो, नीतीश महतो, ईश्वर महतो, अजय महतो समेत अन्य को आरोपित बनाया गया है।
पहले गोली, फिर वाहन से रौंदा
घटना गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। पंडारक प्रखंड के बसावनचक गांव के समीप दुलारचंद यादव को निशाना बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने पहले दुलारचंद के पैर में गोली मारी, जिससे वह गिर पड़े। इसके बाद उन्हें चारपहिया वाहन से कुचल कर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद टाल इलाके में भारी तनाव है। मृतक दुलारचंद यादव का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह 1990 में मोकामा विधानसभा से लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे और स्थानीय राजनीति में प्रभावशाली माने जाते थे।
पोस्टमार्टम, एसएफएल रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा मौत कारण
एएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गोली मारने और वाहन से कुचलने की बात सामने आई है। हालांकि, पटना पुलिस ने देर रात जारी बयान में कहा कि घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अभी मौत संदेहास्पद प्रतीत हो रही है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस कारण हुई, यह पोस्टमार्टम और एसएफएल (फारेंसिक) रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
आरोप-प्रत्यारोप
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर हत्या के लिए अनंत सिंह और उनके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद समर्थक सूरजभान के समूह ने उनके काफिले पर हमला किया, जिसमें उनके कई लोग घायल हुए और दस गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं।
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर बोला हमला
इधर, इस वारदात के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। लोकतंत्र में विचारधारा और जनहित के मुद्दों की लड़ाई होती है। बमबारी और गोलीबारी की नहीं! सत्ता संपोषित दुर्दांत अपराधी एनडीए के महाजंगलराज में बाहर घुम तांडव मचा रहे हैं। अपराध के लिए कुख्यात मोकामा में सत्ता संरक्षित गुंडों ने सामाजिक कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या कर दी। एनडीए प्रत्याशियों का पत्रकारों पर गुस्सा, पत्रकारों को जान से मारने की बात करना और पूर्व में AK-47 की बरामदगी, इन सभी की परिणीति आज दिख रही है।



