खगड़िया: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की धुआंधार रैलियां हो रही हैं। खगड़िया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महागठबंधन के सीएम चेहरा तेजस्वी यादव आज आमने सामने थे। तेजस्वी यादव की कुल तीन जनसभाएं निर्धारित है जिनमें से खगड़िया की अनुमति जिला प्रशासन से नहीं मिलने पर रद्द करना पड़ा। खगड़िया की सभा कैंसिल होने से तेजस्वी यादव भड़क गए हैं। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ये तानाशाही है।
भाजपा नेताओं को भीड़ से लगता है डर
चुनावी अभियान पर निकलने से पहले पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि यह तानाशाही है। भाजपा और प्रशासन को जनता की भीड़ से डर लग रहा है। लेकिन जनता अब किसी के दबाव में आनेवाली नहीं है। हालांकि को देखते हुए प्रशासन ने एक जनसभा की अनुमति नहीं दी है बिहार विधानसभा चुनाव के बीच खगड़िया में तेजस्वी यादव की एक सभा को रद्द करने से राजनीतिक भूचाल आ गया है। तेजस्वी ने इसे तानाशाही करार दिया, जबकि अमित शाह की रैली के चलते प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया। शनिवार को तेजस्वी यादव की खगड़िया में तीन चुनावी सभाएं निर्धारित थीं। तेजस्वी यादव 25 अक्टूबर को पूर्वाह़न 11 बजे पर बत्ता विधानसभा के भगवान हाईस्कूल में तथा 1:15 बजे अलौली विधानसभा अन्तर्गत उच्च विद्यालय मैदान में चुनावी सभा होनी थी लेकिन शहर के संसारपुर मैदान में उनकी सभा की अनुमति नहीं दी गई। शनिवार को खगड़िया के मैदान में अमित शाह की चुनावी सभा थी। इस बीच आयकर विभान ने रुपये बांटने के मामले में सांसद पप्पू यादव को नोटिस भेजा है।



