पटना। आजादी से पहले बिहार के पहले चुनाव से लेकर आजादी के बाद एक दशक तक प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे भूमिहार समाज को आज सभी पार्टियों ने मिलकर सौ (100) की संख्या में भी टिकट नहीं दिए हैं। प्रदेश में आज प्रॉपर्टी के काम से लेकर व्यापार और खेती में सबसे आगे रहने वाला यह समाज अपनी राजनीतिक जमीन खो चुका है और अब उसे दोबारा तलाशने की कोशिश में जुटा है।
आजादी से पूर्व से ही बिहार के पहले चुनाव से एक दशक तक सत्ता पर काबिज़ रहने के बावजूद, शीर्षस्थ नेताओं में गिनती के लोग ही बचे रह गए हैं। हालांकि, इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सर्वाधिक 16 सीटों पर भूमिहारों को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पिछली बार सिर्फ एक भूमिहार उम्मीदवार को टिकट देने वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बार छह उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। आइए, वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र नाथ राय की इस विशेष स्टोरी में समझते हैं कि किस पार्टी ने कितने भूमिहारों को टिकट दिया है।
एनडीए में सवर्णों को मिले कुल टिकट
भूमिहार समाज के लोग आज भी बड़ी संख्या में भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। भाजपा ने भी इसका सम्मान करते हुए अन्य सभी पार्टियों की तुलना में ज्यादा भूमिहारों को टिकट दिया है। इस समाज को जो भी टिकट मिले हैं, उनमें सर्वाधिक एनडीए गठबंधन और खासकर भाजपा ने दिए हैं। एनडीए ने सवर्णों में सबसे ज्यादा राजपूत समाज को 37 टिकट दिए हैं, जबकि भूमिहार समाज को दूसरे नंबर पर 32 टिकट दिए गए हैं।
भाजपा ने दिए सर्वाधिक 16 टिकट
भाजपा ने बिहार में सभी पार्टियों से ज्यादा 16 भूमिहार उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इनमें ये उम्मीदवार शामिल हैं: अरवल से मनोज शर्मा, हिसुआ से अनिल सिंह, वारसलीगंज से अरुणा देवी, गोरियाकोठी से देवेश कांत सिंह, तेघड़ा से रजनीश कुमार, बेगूसराय से कुंदन कुमार, लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, जाले से जीवेश कुमार मिश्रा, विक्रम से सिद्धार्थ सौरभ, तरारी से विशाल प्रशांत, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर बचौल, मुजफ्फरपुर से रंजन कुमार, गोह से डॉ. रणविजय कुमार, बिहपुर से ई. शैलेंद्र, चनपटिया से उमाकांत सिंह, और कल्याणपुर से सचिंद्र प्रसाद सिंह।
राजद ने पिछली बार के एक के मुकाबले दिए छह उम्मीदवार
पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र एक भूमिहार को टिकट देने वाली राजद ने इस बार छह भूमिहारों को उम्मीदवार बनाया है। राजद के भूमिहार उम्मीदवार हैं: परबत्ता से संजीव कुमार, अस्थावां से रवि रंजन उर्फ छोटू मुखिया, मोकामा से वीणा देवी, मटिहानी से बोगो सिंह, लालगंज से शिवानी शुक्ला, और घोसी से राहुल शर्मा। वहीं, राजद ने इस बार यादव उम्मीदवारों की संख्या पिछली बार के 58 से घटाकर 51 कर दी है।
एनडीए में जदयू ने आठ भूमिहारों को दिया टिकट
एनडीए गठबंधन में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने 101 सीटों के कोटे में से आठ भूमिहारों को उम्मीदवार बनाया है। इनमें मोकामा से अनंत सिंह, मटिहानी से राज कुमार सिंह, बरबीघा से डॉ. पुष्पंजय, सरायरंजन से विजय कुमार सिंह, कांटी से ई. अजीत कुमार, एकमा से धूमल सिंह, केसरिया से शालिनी मिश्रा, और घोसी से ऋतुराज कुमार शामिल हैं। वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ (HAM) ने अपने कोटे के छह उम्मीदवारों में दो भूमिहारों को जगह दी है: टेकारी से अनिल कुमार और अतरी से रोमित कुमार।
जन सुराज ने उतारे सात भूमिहार उम्मीदवार
किसी गठबंधन में शामिल न होने वाले प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने सात भूमिहार उम्मीदवारों को टिकट दिया है। जन सुराज के प्रत्याशी हैं: रागी से कृष्ण मोहन सिंह, जहानाबाद से अभिराम सिंह, ओबरा से सुधीर शर्मा, अरवल से सुधीर कुमार, गोपालगंज से शशि शेखर सिन्हा, ब्रह्मपुर से डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी, और पालीगंज से डॉ. श्याम सुन्दर शर्मा। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने एक भूमिहार उम्मीदवार हुलास पाण्डेय को ब्रह्मपुर से टिकट दिया है।
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कांग्रेस ने 12 भूमिहारों को दिया टिकट
कांग्रेस ने अपने कोटे से उतारे गए 61 उम्मीदवारों में से 12 भूमिहारों को टिकट दिया है। इसमें भागलपुर से अजीत शर्मा, जमालपुर से अजय कुमार सिंह, लखीसराय से अमरेश कुमार अनीश, बेगूसराय से अमिता भूषण, बिक्रम से अनिल कुमार, वारसलीगंज से मन्टन सिंह, हिसुआ से नीतू सिंह, वैशाली से संजीव सिंह, गोविंदगंज से गप्पू राय, महाराजगंज से प्रद्युम्न राय, बरबीघा से त्रिशूलधारी सिंह, और टेकारी से आकाश कुमार सिंह शामिल हैं।



