श्रीनगर: डेंगू की बीमारी हर साल एक मुसीबत बन कर आती है। जम्मू-कश्मीर में इस साल डेंगू के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 2,168 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
जम्मू ज़िले में सबसे ज़्यादा मामले
इन मामलों में सबसे ज़्यादा प्रभावित जम्मू ज़िला है, जहाँ 960 मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके बाद कठुआ, सांबा और उधमपुर ज़िलों में भी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, कश्मीर डिवीजन से 23 और बाहरी राज्यों से 41 मामले रिपोर्ट हुए हैं।
20 हज़ार से अधिक टेस्ट किए गए
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस साल अब तक 20,277 टेस्ट किए जा चुके हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और रोकथाम के उपाय अपनाने की सलाह दी है ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।
सुबह और शाम के समय सबसे सक्रिय होता है डेंगू मच्छर
विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर प्रायः सुबह के शुरुआती घंटों और देर दोपहर के समय सबसे ज़्यादा सक्रिय रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दिन के समय भी मच्छरदानी या मच्छररोधी स्क्रीन का उपयोग करें और अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
साफ-सफाई ही है बचाव का उपाय
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास सफाई बनाए रखें, पानी जमा न होने दें और समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू अब भी क्षेत्र में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
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निष्कर्ष
डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है रोकथाम और जागरूकता। सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी ही इस बीमारी पर नियंत्रण पाने की सबसे बड़ी कुंजी है।



