नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने नए स्तर से तैयारी की है। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव और उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए पेड लीव अथवा सवेतन अवकाश का ऐलान किया है। इसके अलावा नियोक्ताओं को चेतावनी भी जारी की गई है, अगर मतदान के दिन अनिवार्य पेडलीव का उल्लंघन करते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। चुनाव आयोग का इस निर्णय को समावेशी मतदान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह निर्णय इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 56.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था; जो पूरे देश में सबसे कम मतदान प्रतिशत था।
धारा 135बी का दिया हवाला
चुनाव आयोग के उप निदेशक पी. पवन ने एक परिपत्र में कहा, “जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत और लोक सभा या किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा के चुनाव में मतदान करने के हकदार प्रत्येक व्यक्ति को मतदान के दिन सवेतन अवकाश दिया जाएगा।”
निर्वाचन क्षेत्र के बाहर रहने वाले मतदाता भी पेडलीव के हकदार
इस बार चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मतदाता जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित किसी कंपनी या उद्योग में काम करते हैं, और किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, वे भी मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश के लाभ के हकदार होंगे ताकि वे अपना वोट डाल सकें।
इसके साथ ही दो कदम आगे बढ़ते हुए चुनाव आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को भी बिहार चुनाव से संबंधित प्रावधानों के पालन के निर्देश जारी कर दिये है।

ये है बिहार चुनाव का शेड्यूल
बिहार में प्रथम चरण के लिए मतदान 6 नवंबर, 2025 को और दूसरे चरण के लिए मतदान 11 नवंबर, 2025 को होने हैं। साथ ही सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव भी 11 नवंबर, 2025 को होंगे।



