प्रयागराज : कहते हैं कि खुशियां बांटने से खुशियां बढ़ती हैं और खुशी देना ही खुशी पाने का आधार है। इस फलसफे को अपने जीवन में अपनाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी पिछले कई वर्षों से अलग अंदाज में ही ” हर घर रोशनी, हर घर दीपावली” अभियान के तहत दीपावली पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच खुशियां बांटते चले आ रहे हैं।
बच्चों ने दीपावली के लिए कपड़े और जूते खरीदे
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंत्री नन्दी ने अपने प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न दलित बस्तियों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के साथ अलग अंदाज में दीपावली उत्सव का आयोजन किया। करीब 104 ई रिक्शा से प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के 344 परिवारों से 1490 बच्चे और उनके अभिभावक सिविल लाइंस सुभाष चौराहे पर पहुंचे। जहां मंत्री नन्दी और प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने बच्चों का स्वागत किया। मंत्री नन्दी ने बच्चों के साथ ई रिक्शा पर सवार होकर सिटी कार्ट मॉल में पहुंचे। जहां पर मंत्री नन्दी ने बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार खरीददारी कराई। बच्चों ने दीपावली के लिए कपड़े और जूते खरीदे।
उपहार पाकर बच्चे चहक उठे
मंत्री नंदी ने खुद मॉल से कपड़े लेकर बच्चों को पसंद कराए और उनकी पसंद के अनुसार कपड़े निकलवाते रहे। बच्चों को इस बात की पूरी छूट दी गई थी कि उन्हें कपड़े खरीदने के लिए न तो बजट देखना है और न ही बिल। बस केवल अपने पसंद के अनुसार कपड़े पसंद करने हैं। बच्चों ने किया भी बिल्कुल ऐसा ही। अपने मनपसंद के कपड़े खरीदे।स्टोर में खरीददारी करवाई जहां के कपड़े और अन्य सामान बच्चों को बहुत पसंद आए। अपने मन पसंद कपड़े और अन्य उपहार पाकर दलित बस्तियों के बच्चे चहक उठे। उनकी खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं था।
गरीब हो या अमीर सभी को त्यौहार मनाने का अधिकार
मंत्री नन्दी ने कहा कि खुशियां बांटने के पर्व दीपावली पर गरीब परिवार के बच्चों के चेहरे पर खुशी और मुस्कान देख कर खुशी मिलती है। क्योंकि गरीब हो या अमीर हर किसी को त्यौहार मनाने का अधिकार है। हर किसी के जीवन में खुशियां छाएं, ऐसा हम सभी को प्रयास करना चाहिए। अगर ईश्वर ने हमें इस काबिल बनाया है कि हम किसी की मदद कर सकते हैं, उनके घरों में खुशियां ला सकते हैं तो हमें ऐसा जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी कोशिश के तहत हर साल गरीब परिवार के बच्चों के साथ दीपोत्सव का पर्व मनाते हैं और उनके चेहरे पर भी खुशियां लाने की कोशिश करते हैं।



