नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान (Pakistan Afghanistan) के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को दोनों देशों की सीमा पर भीषण झड़प हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और दोनों ओर से सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया और सैन्य चौकियों पर कब्जे के दावे किए। हालांकि देर शाम दोनों पक्षों में 48 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति बन गई।
पाकिस्तान का दावा – 40 हमलावर ढेर
पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने दावा किया कि उसने संघर्ष के दौरान अफगान सीमा से घुसपैठ करने वाले करीब 40 हमलावरों को मार गिराया। पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार, यह हमला अफगानिस्तान की ओर से किया गया था। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना ने स्पिन बोल्डक क्षेत्र में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस दौरान एयर स्ट्राइक भी की गई जिसमें अफगान तालिबान की एक ब्रिगेड को टारगेट किया गया।
अफगानिस्तान का पलटवार – टैंक पर कब्जा और एयर स्ट्राइक का आरोप
दूसरी ओर, अफगान तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान ने उसके कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें एक दर्जन से अधिक नागरिक मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए। अफगानिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसने जमीन पर जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई टैंकों और चौकियों पर कब्जा कर लिया। सोशल मीडिया पर तालिबान ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें उसके लड़ाके पाकिस्तानी टैंक को सड़क पर चलाते नजर आ रहे हैं।
कुर्रम और ओरकजई में भी हिंसा
संघर्ष केवल कंधार सीमा तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान के कुर्रम और ओरकजई इलाकों में भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। ओरकजई जिले में आतंकियों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच हुई मुठभेड़ में छह अर्धसैनिक जवान मारे गए, जबकि छह घायल हुए। वहीं, नौ आतंकी भी ढेर किए गए। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और गहरा दिया है।
सऊदी अरब और कतर की मध्यस्थता से थमी लड़ाई
लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए सऊदी अरब और कतर ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की। दोनों देशों के प्रयासों के बाद बुधवार शाम 48 घंटे का संघर्ष विराम लागू हुआ। दोनों पक्षों ने दावा किया कि संघर्ष विराम विरोधी पक्ष के अनुरोध पर लागू किया गया है।
तनाव की जड़ क्या है?
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) उसकी धरती पर हमलों की साजिश रच रहे हैं और अफगान तालिबान उन्हें पनाह दे रहा है। वहीं, अफगान तालिबान ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह सीमा पर तनाव भड़का रहा है और आईएस से जुड़े चरमपंथियों को संरक्षण दे रहा है ताकि अफगानिस्तान की स्थिरता को कमजोर किया जा सके।
पाक-अफगान सीमा पर जारी ये झड़पें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। बीते एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बने हैं। हालांकि अभी संघर्ष विराम लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ती अविश्वास की खाई भविष्य में और बड़ी चुनौतियों को जन्म दे सकती है।



