वैशाली: बिहार के वैशाली जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में 10 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया जारी है। नामांकन के दूसरे दिन सोमवार को लालगंज विधानसभा क्षेत्र से एक निर्दलीय प्रत्याशी को पुलिस ने नॉमिनेशन के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार प्रत्याशी का नाम अखिलेश कुमार है, जिन्हें पुलिस ने समाहरणालय स्थित डीसीएलआर सह निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय से ही हिरासत में ले लिया।
प्रत्याशी को गिरफ्तारी के कारणों को पता नहीं
दर्जनों समर्थकों के साथ पहुंचे प्रत्याशी को यह समझ नहीं आया कि अचानक गिरफ्तारी क्यों की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैशाली में इस चुनाव के दौरान किसी प्रत्याशी की नामांकन के वक्त गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। इस संबंध में लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि अखिलेश कुमार और उनके भाई मुकेश कुमार की गिरफ्तारी एक आपराधिक मामले में की गई है।
लालगंज थाना क्षेत्र के युसूफपुर गांव निवासी राजेश्वर साह के पुत्र अखिलेश सिंह सोमवार को लालगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने हाजीपुर समाहरणालय पहुंचे थे। जैसे ही वे शाम करीब 5 बजे डीसीएलआर सह निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष से नामांकन पर्चा जमा कर बाहर निकले, पहले से मौजूद लालगंज थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद वहां मौजूद लोग यह जानने के लिए बेताब थे कि आखिर किस केस में प्रत्याशी को पकड़ा गया है।
पहले भी लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव
गिरफ्तार प्रत्याशी अखिलेश कुमार के समर्थकों ने बताया कि वे वर्ष 2020 में भी लालगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। फिलहाल वे पुलिस की गिरफ्त में हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को पहले से सूचना थी कि आरोपी सोमवार को समाहरणालय में नामांकन करने पहुंचेगा। इसी कारण सुबह 10 बजे से ही पुलिस डीसीएलआर कार्यालय परिसर में कैंप कर रही थी। जैसे ही अखिलेश नामांकन कर बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार प्रत्याशी को अभिरक्षा में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया।
जालसाजी मामले में दोनों भाई थे फरार
मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश कुमार लालगंज थाना कांड संख्या–199/25 के एक जालसाजी मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस ने कई बार उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की थी, लेकिन वे हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाते थे। गुप्त सूचना मिलने पर कि अखिलेश सोमवार को नामांकन करने वाले हैं, पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए उन्हें समाहरणालय परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अखिलेश कुमार ने बताया कि वे नामांकन पर्चा दाखिल करने के बाद “फर्जी मामले” में बेवजह गिरफ्तार किए गए हैं।
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आरोप, ट्रैक्टर की जालसाजी से बिक्री
मामले के अनुसार, लालगंज क्षेत्र के युसूफपुर गांव निवासी राजेश्वर साह के पुत्र अखिलेश कुमार और मुकेश कुमार ने मिलकर अपने ट्रैक्टर को बेचने के लिए एक ही दिन दो ग्राहकों को बुलाया था। पहले उन्होंने बलीगांव थाना क्षेत्र के प्यारेपुर सेंसारी निवासी शंकर कुमार (पिता — रामानंदन सिंह) को ट्रैक्टर बेचा। बाद में पता चला कि मुकेश कुमार ने खुद को सुनील कुमार सिंह बताकर उसी ट्रैक्टर की बिक्री दोबारा कर दी।
बिक्री नामा में मुकेश कुमार और अखिलेश कुमार दोनों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। खरीदार विकास यादव ने तय रकम में से कुछ हिस्सा मौके पर दे दिया था, जबकि बाकी रकम के लिए समय मांगा। विकास यादव ट्रैक्टर लेकर बगहा चला गया। कुछ दिनों बाद विक्रेता पक्ष ने विकास यादव पर ट्रैक्टर चोरी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करा दिया। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने बगहा से ट्रैक्टर बरामद कर लिया।



