नई दिल्ली: दिल्ली में इस बार एक हजार स्थानों पर छठ पूजा होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थानों के चयन एवं तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा को इस समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है। यह समिति राजधानी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में छठ पूजा के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान, सुविधाओं की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, परिवहन और श्रद्धालुओं की सहूलियत से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार के समक्ष पेश करेगी। इसके अलावा समिति में 4 विधायक सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं जिसमें अभय कुमार वर्मा, विधायक, लक्ष्मी नगर, चंदन कुमार चौधरी, विधायक, संगम विहार, संदीप सेहरावत, विधायक, मटियाला और दीपक चौधरी, विधायक, बादली शामिल हैं।
छठ पूजा सामूहिक आस्था और एकता का प्रतीक है
छठ पूजा के लिए बनाई गई समिति का अध्यक्ष नामित करने पर कपिल मिश्रा ने कहा कि छठ पूजा ना केवल पूर्वांचल बल्कि दिल्ली की भी सांस्कृतिक पहचान है बल्कि यह हमारी सामूहिक आस्था और एकता का प्रतीक भी है लेकिन जानबूझकर पिछली सरकारों ने लाखों- करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया। लेकिन इस बार दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में पूजा करने का अवसर मिले। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी घाटों पर स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, रोशनी और चिकित्सा सुविधाएँ सर्वोत्तम स्तर पर हों।
महापर्व में उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लेने की अपील
कपिल मिश्रा ने कहा वह सभी श्रद्धालुओं और दिल्लीवासियों से अपील करते हैं कि वे इस महापर्व में उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लें तथा स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। छठ केवल एक पर्व नहीं बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है और हम सब मिलकर इस पर्व को सफल बनाएँगे। सावन माह में जिस तरह कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हुई थी। उसी तरह छठ पूजा का ये पर्व भी बड़ी ही धूमधाम से संपन्न होगा।
शहर में एक हजार स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन होगा
कपिल मिश्रा ने ये भी कहा कि दिल्ली में पूर्वांचलवासियों की बड़ी आबादी को देखते हुए सरकार का लक्ष्य छठ पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित ढंग से मनाना है। पूरे शहर में इस बार लगभग एक हजार स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन होगा। इनमें यमुना तटों के अलावा मुनक नहर, कृत्रिम तालाब भी शामिल होंगे। सरकार ने सभी स्थलों पर स्वच्छता, जल छिड़काव, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाएं और विशेष प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। सिंचाई विभाग को यमुना से जलकुंभी हटाने का काम सौंपा गया है।



