पीएम धन-धान्य कृषि योजना: पीएम मोदी का किसानों के लिए बड़ा ऐलान

भारत में पशुधन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को 947 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

Share This Article:

नई दिल्ली: भारत में पशुधन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को 947 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा 219 करोड़ रुपये मूल्य की अतिरिक्त परियोजना की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ये पहल कृषि और संबद्ध क्षेत्र के निवेश के एक बड़े पैकेज का हिस्सा हैं।

कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

इन परियोजनाओं को दो प्रमुख कृषि योजनाओं-प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के शुभारंभ के साथ ही राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह शुरुआत ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

टीके मुफ़्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) के अंतर्गत ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में पशुधन, मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना हमारे पशुधन को ध्यान में रख कर शुरू की गई है। आप जानते ही हैं कि पशुओं को खुरपका-मुँहपका जैसी बीमारियों से बचाने के लिए 125 करोड़ से ज़्यादा टीके मुफ़्त लगाए जा चुके हैं। इससे पशु स्वस्थ हुए हैं और किसानों की चिंता भी कम हुई है।

पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत, स्थानीय स्तर पर पशु स्वास्थ्य से जुड़े अभियान भी चलाए जाएंगे।” प्रधानमंत्री ने ग्रामीण समृद्धि के लिए विविधीकरण के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “जहाँ खेती संभव नहीं है, वहाँ पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देना होगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए, हमारी सरकार उन्हें पारंपरिक खेती के आलावा अन्य विकल्प भी दे रही है। इसलिए, अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन पर ज़ोर दिया जा रहा है। इससे छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों को भी सशक्त बनाया जा रहा है।”

डेयरी अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन

इस अवसर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली आईवीएफ प्रयोगशाला का उद्घाटन भी किया गया, जिसे राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) के तहत ₹28.93 करोड़ के निवेश से गुवाहाटी (असम) में स्थापित किया गया है। यह अत्याधुनिक सुविधा पूर्वोत्तर राज्यों में डेयरी विकास और नस्ल सुधार को एक बड़ा प्रोत्साहन देगी। राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के अंतर्गत, बड़े पैमाने की कई डेयरी अवसंरचना परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया। इनमें मेहसाणा मिल्क यूनियन परियोजना शामिल है, जिसमें ₹460 करोड़ की लागत से विकसित 120 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला मिल्क पाउडर प्लांट और 3.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला यूएचटी प्लांट शामिल है।

ये भी पढ़ें-पीएम मोदी, मंत्री, सीएम और विधायक बिहार में भरेंगे हुंकार

इन जगहों पर डेयरी प्लांट

इसके आलावा कार्यक्रम के तहत इंदौर मिल्क यूनियन द्वारा ₹76.50 करोड़ की लागत से स्थापित 30 टन प्रतिदिन क्षमता वाला मिल्क पाउडर प्लांट; भीलवाड़ा मिल्क यूनियन द्वारा ₹46.82 करोड़ की लागत से स्थापित 25,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला यूएचटी प्लांट; और नुस्तुलापुर, करीमनगर, तेलंगाना में ₹25.45 करोड़ की लागत से विकसित एक ग्रीनफील्ड डेयरी प्लांट भी शामिल है। डेयरी नेटवर्क का विस्तार करते हुए, एनपीडीडी के तहत 219 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल में एक एकीकृत डेयरी संयंत्र और 200 टीपीडी मवेशी चारा संयंत्र की आधारशिला रखी गई।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.