पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां चरम पर हैं। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने एक बार फिर बेरोजगारी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा, ‘मेरे द्वारा नौकरी देने की घोषणा पर सत्ता पक्ष के लोग परेशान हो रहे हैं, मगर मैंने जो कहा है, वह करूंगा। जिस परिवार में सरकारी नौकरी नहीं है, उसे परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी मिलेगी। 14 नवंबर के बाद से बिहार की जनता बेरोजगारी से मुक्ति पाएगी।’
नौकरी का वादा: हर परिवार को रोजगार
आपको बता दें कि तेजस्वी ने 9 अक्टूबर को घोषणा की थी कि महागठबंधन की सरकार बनने पर 20 दिनों में नया कानून लाकर 20 महीनों में हर परिवार को कम से कम एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने अपने 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का हवाला देते हुए दावा किया कि उस दौरान 5 लाख नौकरियां दी गईं, जिनमें से 3.5 लाख के नियुक्ति पत्र वितरित हुए।
महागठबंधन में एकजुटता
महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल) में सीट बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘महागठबंधन में कोई तकलीफ नहीं है, सब सही है। हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे का अंतिम फैसला आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव करेंगे और जल्द ही इस पर सहमति बन जाएगी। तेजस्वी ने यह भी संकेत दिया कि दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद गठबंधन की रणनीति को और मजबूती मिलेगी।
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लालू परिवार की कोर्ट में पेशी
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटे व विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान उपस्थित होने के लिए यह यात्रा की। तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की एकजुटता पर भरोसा जताते हुए कहा कि गठबंधन में कोई तकलीफ नहीं है, सब सही चल रहा है। उन्होंने अपनी हालिया नौकरी देने की घोषणा पर सत्ता पक्ष की बेचैनी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा है, वह जरूर करेंगे।



