जहानाबाद: बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दल जिताऊ उम्मीदवारों के गणित में लगी हुई हैं। इस बीच जहानाबाद जिले का घोसी विधानसभा क्षेत्र अचानक सुर्खियों में आ गया है। वर्तमान में यहां महागठबंधन के सहयोगी भाकपा माले के विधायक हैं। लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठ बार विधायक रहे जगदीश शर्मा के बेटे पूर्व विधायक राहुल शर्मा की एंट्री अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में हो चुकी है।
राहुल शर्मा ने पिछली बार जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार उन्हें चुनाव लड़ने का ऑफर घोसी से भी मिला है। उन्होंने माना कि राजद का मजबूत वोट बैंक और जीत की संभावनाएं ज्यादा हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल को चुना। राहुल शर्मा के राजद में शामिल होने के साथ ही यह माना जा रहा है कि भाकपा माले का पत्ता यहां से कटना तय है।
फिलहाल, भाकपा माले अपने वर्तमान विधायक रामबली सिंह यादव को ही उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत कर रही है। रामबली सिंह यादव ने 16 अक्टूबर को महागठबंधन उम्मीदवार के रूप में नामांकन की घोषणा भी कर दी। ऐसे में जदयू छोड़कर राजद में आए राहुल शर्मा के सामने संशय की स्थिति बन गई है। हालांकि, जगदीश शर्मा के समर्थक यह मानकर चल रहे हैं कि अंततः राजद भाकपा माले को मनाने में सफल हो जाएगी और यहां से महागठबंधन का प्रत्याशी राहुल शर्मा ही होंगे।
अरुण कुमार की जदयू में एंट्री ने खेल को और रोचक बना दिया
राहुल शर्मा के राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होने के अगले ही दिन पहले पूर्व सांसद अरुण कुमार अपने बेटे के साथ जदयू में शामिल हो गए। उनके जदयू में शामिल होने के बाद यह तय हो गया कि घोसी में उनके पुत्र ऋतुराज एनडीए की ओर से चुनाव मैदान में होंगे। अगर, राजद भाकपा माले का पेंच सुलझा लेती है, तो यहां मगध के दो बड़े भूमिहार नेता, जगदीश शर्मा और अरुण कुमार के पुत्र के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। जगदीश शर्मा का घोसी विधानसभा क्षेत्र हमेशा उनका गढ़ माना गया है, वहीं अरुण कुमार जहानाबाद से दो बार सांसद रह चुके हैं और अपनी समाज में अच्छी पकड़ रखते हैं।
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घोसी विधानसभा: परिवारवाद का अखाड़ा
राजनीति में परिवारवाद हमेशा चर्चा में रहता है, और इस बार घोसी विधानसभा क्षेत्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है। महागठबंधन खेमे से पूर्व विधायक और सांसद जगदीश शर्मा के बेटे राहुल मैदान में हैं। एनडीए की ओर से पूर्व सांसद अरुण कुमार के पुत्र ऋतुराज चुनावी दंगल में ताल ठोक सकते हैं। वहीं, जहानाबाद से चार बार सांसद रहे दिवंगत रामाश्रय प्रसाद सिंह की पुत्रवधू अनुराधा सिन्हा भी जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव में उतरने को तैयार हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि इन तीन राजनीतिक परिवारों में किसकी विरासत को घोसी की जनता स्वीकार करती है।




