नई दिल्ली: प्रो कबड्डी लीग का 2025 (Pro Kabaddi League 2025) सीजन जोश और उत्साह से भरा हुआ है। देश के अलग-अलग शहरों में हो रहे मुकाबले फैंस के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं हैं। हर टीम मैदान पर अपनी रणनीति और पूरी ताकत झोंक रही है। लेकिन इस बार चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बने हैं गुजरात जायंट्स के ऑलराउंडर मोहम्मद रजा शादलू।
नीलामी के दौरान गुजरात फ्रेंचाइजी (Gujarat Giants) ने उन्हें 2.23 करोड़ रुपये की भारी रकम में खरीदा था। इस सौदे ने उन्हें इस सीजन का सबसे महंगा खिलाड़ी बना दिया। अब तक खेले गए 11 मैचों में शादलू ने 38 अंक जुटाए हैं और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है।
ईरान में भी बढ़ रहा है कबड्डी का क्रेज
शादलू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ईरान में कबड्डी (Iran Kabaddi) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वहां के लोग प्रो कबड्डी लीग को बेहद उत्साह से देखते हैं। उन्होंने कहा, “ईरान में हर कोई भारतीय खिलाड़ियों (Indian Players) को देखकर प्रेरणा लेता है। खासतौर पर रेडिंग और डिफेंस की तकनीकें हम भारतीय खिलाड़ियों से सीखते हैं।”
शादलू ने आगे बताया कि कई ईरानी खिलाड़ी प्रो कबड्डी लीग में खेलने का सपना देखते हैं। इससे न सिर्फ उन्हें बेहतर खेल सीखने का मौका मिलता है, बल्कि ईरान में कबड्डी के स्तर में भी सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ईरान में लोग चाहते हैं कि वहां भी प्रो कबड्डी लीग जैसी प्रतियोगिता शुरू हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के कारण यह फिलहाल संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह सपना जरूर साकार होगा।
शादलू की मेहनत और तैयारी
अपने प्रदर्शन और फिटनेस पर बात करते हुए शादलू ने कहा, “मैंने इस साल पहले से कहीं ज्यादा मेहनत की है। फिटनेस, तकनीक और रणनीति पर खूब काम किया है ताकि मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूं। ”उन्होंने बताया कि कबड्डी उनके लिए केवल खेल नहीं, बल्कि जुनून और जीवन का हिस्सा बन चुका है। उनका लक्ष्य है कि इस सीजन में गुजरात जायंट्स को खिताब जिताएं और टीम के लिए सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी साबित हों।
प्रो कबड्डी का बढ़ता प्रभाव
प्रो कबड्डी लीग का प्रसारण इस बार JioStar नेटवर्क पर किया जा रहा है। लीग की लोकप्रियता सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी देशों में भी तेजी से बढ़ रही है। ईरान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में भी अब बड़ी संख्या में लोग इस खेल को फॉलो कर रहे हैं। मोहम्मद रजा शादलू की कहानी केवल एक खिलाड़ी की सफलता की नहीं, बल्कि कबड्डी के वैश्विक सफर की कहानी है। उन्होंने यह साबित किया है कि खेल सीमाओं से परे है और मेहनत हमेशा पहचान बनाती है। शादलू का लक्ष्य अब साफ है — गुजरात जायंट्स को चैंपियन बनाना और ईरान में कबड्डी का झंडा ऊंचा करना।



