नई दिल्ली: टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने 2026 की विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग जारी की, जिसमें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने लगातार दसवें साल पहला स्थान कायम रखा। यह उपलब्धि ऑक्सफोर्ड की शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान क्षमता को दर्शाती है। दूसरी ओर, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने दूसरा और प्रिंसटन विश्वविद्यालय ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस रैंकिंग में अमेरिका और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी, लेकिन एशियाई विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में 14 साल में पहली बार गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिका और ब्रिटेन का वर्चस्व
रैंकिंग में अमेरिका का दबदबा साफ दिखता है, जिसमें टॉप 10 में सात विश्वविद्यालय शामिल हैं। प्रिंसटन ने इस बार अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की, जबकि हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे संस्थान भी शीर्ष स्थानों पर रहे। हालांकि, शीर्ष 100 में अमेरिकी विश्वविद्यालयों की संख्या 35 तक सिमट गई, जो एक रिकॉर्ड कमी है। ब्रिटेन के तीन विश्वविद्यालय टॉप 10 में शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड पहले, कैम्ब्रिज तीसरे और इंपीरियल कॉलेज लंदन आठवें स्थान पर। लेकिन यूके के 27% विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में गिरावट आई, जो चिंता का विषय है।
एशिया और भारत की स्थिति
एशिया में चीन की शिंघुआ यूनिवर्सिटी 12वें और पेकिंग यूनिवर्सिटी 13वें स्थान पर रही। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर ने 17वां स्थान हासिल किया। लेकिन भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कोई भी भारतीय संस्थान टॉप 100 में जगह नहीं बना सका। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु को 201-250 के बीच स्थान मिला, जबकि जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और आईआईटी इंदौर जैसे संस्थान 401-600 के दायरे में रहे। भारत सूचीबद्ध विश्वविद्यालयों की संख्या में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, लेकिन गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है।
- इसको भी पढ़ें: AI: 60% संस्थानों में AI टूल्स उपयोग करने की अनुमति
सुधार की राह
भारतीय विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए अनुसंधान, बुनियादी ढांचे और शिक्षण गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों से प्रेरणा लेकर भारत को अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना चाहिए।



