मेले में 1.53 करोड़ में बिका Mongolian Falcon, सोने से भी महंगा

रियाद के अंतरराष्ट्रीय सऊदी फाल्कन और शिकार प्रदर्शनी 2025 में एक प्रशिक्षित मंगोलियाई बाज1.53 करोड़ में बिका, जो अब तक का सबसे ऊंचा दाम है।

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नई दिल्ली: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में चल रही अंतरराष्ट्रीय सऊदी फाल्कन और शिकार प्रदर्शनी 2025 ने दुनिया को चौंका दिया है। यह आयोजन 2 से 11 अक्टूबर तक फैला हुआ है, जिसमें 30 से ज्यादा देशों के 1300 प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। सऊदी फाल्कन क्लब द्वारा आयोजित इस मेले में बाजों की नीलामी का दौर जोरों पर है। सोमवार को मंगोलियाई बाजों की नीलामी में एक वयस्क बाज को 6,50,000 सऊदी रियाल (करीब 1.53 करोड़ रुपये) में बेचा गया, जो इस प्रजाति का अब तक का रिकॉर्ड है। एक युवा बाज 1,28,000 रियाल में गया, कुल 7,78,000 रियाल की कमाई हुई।

मंगोलियाई बाज की अनोखी खासियत

मंगोलियाई बाज, जिसे सकर फाल्कन भी कहते हैं, अपनी ताकत और सहनशक्ति के लिए मशहूर है। ये सामान्य बाजों से बड़े होते हैं, जिनके पंख लंबे और मजबूत होते हैं। ठंडे मंगोलियाई इलाकों में पनपने वाले ये बाज रेगिस्तानी गर्मी में भी कमाल दिखाते हैं। शिकार के दौरान ये 240 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से डुबकी लगा सकते हैं। इनकी ट्रेनिंग आसान होती है, क्योंकि ये इंसानी इशारों को फटाफट समझ लेते हैं। रंग सफेद से गहरे भूरे तक के होते हैं, जो इनकी रंगत को और निखारते हैं। अरब शौकीनों के बीच ये प्रतिष्ठा का प्रतीक हैं, क्योंकि ये खरगोश, तीतर जैसे शिकार आसानी से पकड़ लेते हैं।

नीलामी का रोमांचक दौर

इस साल पहली बार मंगोलियाई बाजों के लिए अलग जोन बनाया गया, जहां पूर्वी एशिया की दुर्लभ प्रजातियों को दिखाया गया। नीलामी में पहला बाज (हुर फर्क) 70,000 रियाल से शुरू होकर 1,28,000 पर ठहरा। दूसरा (हुर कर्णास) 1 लाख से चढ़कर 6.5 लाख पहुंच गया। जोरदार बोली लगी, क्योंकि ये बाज दुर्लभ और प्रशिक्षित होते हैं। प्रदर्शनी में ड्रोन शो, बाज ट्रेनिंग डेमो और इको-टूरिज्म स्टॉल भी लगे हैं। पिछले साल 6.5 लाख से ज्यादा लोग आए थे, इस बार और बढ़ने की उम्मीद है।

अरब संस्कृति का जीवंत प्रतीक

फाल्कनरी अरब देशों की सदियों पुरानी परंपरा है, जो सिर्फ शिकार नहीं बल्कि सम्मान का मामला है। सऊदी, कतर और यूएई में प्रशिक्षित बाज अमीरी और हिम्मत दिखाते हैं। 2010 में यूनेस्को ने इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया। रियाद, अबू धाबी जैसे शहरों में सालाना फाल्कन ब्यूटी कॉन्टेस्ट होते हैं। यह प्रदर्शनी परंपरा को जिंदा रखते हुए विलासिता का बाजार भी बनी हुई है।

वैश्विक आकर्षण और भविष्य

यह नीलामी दिखाती है कि कैसे पुरानी रिवायतें आधुनिक बाजार से जुड़ रही हैं। 1.9 लाख वर्गमीटर में फैला यह मेला बाज, हथियार और आउटडोर गियर का हब है। आने वाले दिनों में और नीलामियां होंगी, जो सऊदी की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाएंगी।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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