अपने ही विधायक से खुश नहीं भाकपा माले कार्यकर्ता, जानें कारण

घोसी विधानसभा में भाकपा माले विधायक रामबली सिंह यादव के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के सामने जोरदार विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी बदलने की मांग की है।

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जहानाबाद: बिहार विधानसभा चुनाव के बिगुल बजते ही टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। लेकिन घोसी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक रामबली सिंह यादव के खिलाफ उनकी ही पार्टी भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने खुला विद्रोह कर दिया है। बुधवार को घोसी हाई स्कूल मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और उम्मीदवार बदलने की मांग की।

घोसी विधानसभा से भाकपा माले के वर्तमान विधायक रामबली सिंह यादव ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का ‘रिपोर्ट कार्ड’ जनता के सामने रखने का यह कार्यक्रम आयोजित किया था। मुख्य अतिथि के रूप में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को आमंत्रित किया गया था। महागठबंधन के कार्यकर्ताओं के लिए यह पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने का सुनहरा अवसर था।

नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन की तैयारी पहले से ही कर ली थी। वे “रामबली हटाओ, घोसी बचाओ” जैसे स्लोगन वाली तख्तियां लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जैसे ही दीपांकर भट्टाचार्य मंच पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने विधायक के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच सालों में क्षेत्र का कोई विकास नहीं हुआ। स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, बिजली, पानी और रोजगार पर ध्यान न देने का आरोप लगाया गया।

महागठबंधन से प्रेम, लेकिन विधायक से नाराजगी

विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध व्यक्तिगत नहीं, बल्कि विधायक के खराब प्रदर्शन के कारण है। एक कार्यकर्ता ने कहा कि हमारी आस्था पूरी तरह महागठबंधन और भाकपा माले के प्रति है। लेकिन रामबली सिंह यादव ने हमारी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनका कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। पार्टी नेतृत्व को उनका टिकट कटाना चाहिए।

कार्यकर्ताओं का एकमत मत था कि बाहरी उम्मीदवार के बजाय स्थानीय चेहरे को टिकट मिलना चाहिए, ताकि क्षेत्र के विकास पर फोकस हो सके। उन्होंने मांग की कि पार्टी नेतृत्व उनकी भावनाओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार करे। हालांकि, दीपांकर भट्टाचार्य ने विरोध के दौरान चुप्पी साधे रखी, लेकिन कार्यकर्ताओं को भरोसा है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

रामबली के समर्थकों ने बताया ‘विरोधियों की साजिश’

दूसरी ओर, विधायक रामबली सिंह यादव के समर्थकों ने इस विरोध को राजनीतिक विरोधियों की साजिश करार दिया। एक समर्थक ने कहा, “यह सब बीजेपी और आरजेडी के इशारे पर हो रहा है। पार्टी नेतृत्व इसकी सच्चाई अच्छी तरह समझती है। रामबली जी ने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं, और वे ही घोसी को मजबूत बनाएंगे।” समर्थकों का दावा है कि विरोध कुछ असंतुष्ट तत्वों का है, जो पार्टी की एकजुटता को तोड़ना चाहते हैं।

यह घटनाक्रम बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन के लिए एक चुनौती बन गया है। घोसी विधानसभा जहानाबाद जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां भाकपा माले का मजबूत आधार है। अगर पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की मांग पर ध्यान नहीं दिया, तो यह सीट महागठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। खासकर तब जब विपक्षी दल इस असंतोष का फायदा उठाने की फिराक में हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि भाकपा माले का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या फैसला लेता है?

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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