नई दिल्ली: तीन दशकों बाद शतरंज की दुनिया एक बार फिर दो दिग्गजों की ऐतिहासिक भिड़ंत देखने जा रही है। भारत के विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) और रूस के गैरी कास्परोव (Garry Kasparov) बुधवार से शुरू हो रहे ‘क्लच शतरंज द लीजेंड्स टूर्नामेंट’ (Clutch Chess) में आमने-सामने होंगे। दोनों खिलाड़ियों की यह टक्कर केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि उस पुरानी प्रतिद्वंद्विता का पुनर्जन्म है जिसने 1990 के दशक में शतरंज जगत को रोमांचित कर दिया था।
30 साल बाद फिर से आमना-सामना
इस टूर्नामेंट का आयोजन नवीनीकृत सेंट लुई शतरंज क्लब (St. Louis Chess Club) में किया जा रहा है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज स्थलों में से एक है। यह प्रतियोगिता 12 बाजियों की होगी और इसमें कुल इनामी राशि 1,44,000 डॉलर (लगभग 1.27 करोड़ रुपये) रखी गई है।
आनंद और कास्परोव आखिरी बार 1995 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 107वीं मंजिल पर हुए विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में भिड़े थे। उस समय कास्परोव ने 20 बाजियों के मुकाबले में आनंद को 10.5-7.5 से हराया था। तब से लेकर अब तक यह दोनों खिलाड़ी केवल प्रदर्शनी या ब्लिट्ज मुकाबलों में ही आमने-सामने आए हैं।
ऐसा होगा टूर्नामेंट का प्रारूप
‘क्लच शतरंज द लीजेंड्स’ टूर्नामेंट तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन खिलाड़ियों को चार बाजियां खेलनी होंगी — दो रैपिड और दो ब्लिट्ज।
- पहले दिन प्रत्येक जीत पर एक अंक,
- दूसरे दिन दो अंक,
- और अंतिम दिन तीन अंक दिए जाएंगे।
यह पॉइंट सिस्टम मुकाबले को और दिलचस्प बनाएगा क्योंकि आखिरी दिन जीतने पर ज्यादा अंक मिलेंगे, जिससे अंत तक रोमांच बरकरार रहेगा।
टूर्नामेंट का यह प्रारूप पारंपरिक शतरंज से अलग है और इसे हाल ही में फ्रीस्टाइल शतरंज का नाम दिया गया है। इसमें खिलाड़ियों को अधिक रचनात्मकता और तेज सोच दिखानी होती है।
- इनामी राशि और पुरस्कार संरचना
- कुल इनामी राशि 1.44 लाख डॉलर (करीब 1.27 करोड़ रुपये) रखी गई है।
- विजेता को 70,000 डॉलर (लगभग 62 लाख रुपये) मिलेंगे।
- उपविजेता को 50,000 डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) दिए जाएंगे।
अगर मुकाबला बराबरी पर रहता है, तो दोनों को 60,000 डॉलर (करीब 53 लाख रुपये) मिलेंगे। इसके अलावा, टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए 24,000 डॉलर (करीब 21 लाख रुपये) की बोनस राशि भी तय की गई है।
आनंद और कास्परोव की विरासत
गैरी कास्परोव ने 2004 में पेशेवर शतरंज से संन्यास ले लिया था, लेकिन वे अब भी प्रदर्शनी और ब्लिट्ज टूर्नामेंटों में सक्रिय रहते हैं। वहीं, विश्वनाथन आनंद आज भी भारतीय शतरंज का चेहरा हैं और समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं।
इस टूर्नामेंट को लेकर दोनों खिलाड़ियों के प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। यह मुकाबला सिर्फ दो दिग्गजों की भिड़ंत नहीं बल्कि शतरंज की पुरानी प्रतिष्ठा और रणनीतिक सोच की याद दिलाएगा।
तीन दिन तक चलने वाला यह मुकाबला न केवल रोमांचक खेल का उदाहरण बनेगा बल्कि यह भी साबित करेगा कि अनुभव, रणनीति और मानसिक मजबूती का खेल उम्र की सीमाओं से परे होता है।



