नई दिल्ली: यूपी सरकार में मंत्री और लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ ताल ठोकने वाले दिनेश प्रताप सिंह को ब्रेन हैमरेज हुआ है। लखनऊ के वेदांत अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 4 अक्टूबर को उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। डॉक्टरों ने MRI स्कैन कराया, उसमें ब्रेन हैमरेज की पुष्टि हुई। परिवार का कहना है कि दिनेश प्रताप सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
प्रेशर में थे दिनेश सिंह
कहा जा रहा है कि दिनेश प्रताप सिंह पिछले दो महीने से राजनीतिक दबाव में हैं। पहले कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद भाजपा विधायक अदिति सिंह ने भी उन पर हमला बोला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 10 सितंबर को रायबरेली दौरे के दौरान मंत्री दिनेश सिंह सुर्खियों में रहे। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ राहुल गांधी के रास्ते में धरना दिया और “राहुल वापस जाओ!” के नारे लगाए। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से कहासुनी भी हुई। नाराज होकर दिनेश प्रताप सिंह ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर पोस्ट
इधर, दिनेश प्रताप सिंह ने सभी से सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि महज चार दिनों में वह फिर से राजनीतिक मैदान में होंगे और जनता की सेवा में हाजिर होंगे। अपने स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-मैं सिर्फ़ स्वस्थ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह स्वस्थ हूँ।कृपया चिंता न करें और किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न दें।
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इलाज की थी जरूरत
उन्होंने कहा कि यह सच है कि मुझे इलाज की ज़रूरत थी, और वह भी शांतिपूर्ण माहौल में। इसलिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मेरे इलाज की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पार्टी की सरकार बनाने में वे तन-मन-धन से योगदान देंगे। मालूम हो कि दिनेश प्रताप सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। वह पहली बार 2010 में और दूसरी बार 2016 में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बने। 2018 में वह भाजपा में शामिल हो गए। सोनिया और राहुल के खिलाफ दो लोकसभा चुनाव हार चुके हैं।



