विश्व कपास दिवस 2025: कपास, जीवन का आधार

विश्व कपास दिवस 2025 कपास के आर्थिक और सामाजिक महत्व को उजागर करता है, जो भारत जैसे देशों में लाखों लोगों की आजीविका का आधार है।

Share This Article:

नई दिल्ली: हर साल 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस मनाया जाता है, जो कपास के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय योगदान को रेखांकित करता है। इस साल की थीम “कपास, हमारे जीवन का ताना-बाना” कपास की सर्वव्यापी भूमिका को दर्शाती है। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने 2019 में अफ्रीका के चार देशों बेनीन, बुर्किना फासो, चाड और माली के प्रस्ताव पर इसकी शुरुआत की। 2021 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक मान्यता दी, जिससे यह दिन वैश्विक स्तर पर कपास की टिकाऊ खेती और व्यापार को बढ़ावा देने का प्रतीक बन गया।

कपास का वैश्विक प्रभाव

कपास केवल एक फसल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। यह वस्त्र उद्योग की रीढ़ है, जो आरामदायक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल कपड़े प्रदान करता है। इसके अलावा, कपास के बीज से खाद्य तेल, पशु आहार और जैव-ईंधन बनता है। विश्व भर में 100 से अधिक देश कपास के व्यापार से जुड़े हैं, जो विकासशील देशों के लिए आर्थिक सुरक्षा का स्रोत है। लगभग 2.4 करोड़ किसान, जिनमें आधी महिलाएं हैं, कपास की खेती से अपनी जीविका चलाते हैं। एक टन कपास पांच लोगों को पूरे साल रोजगार देता है।

भारत में कपास की स्थिति

भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन का 21% हिस्सा देता है। 2025 में भारत का अनुमानित कपास उत्पादन 2.5 करोड़ गांठ है। गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्य इसके प्रमुख उत्पादक हैं। कपास न केवल भारत के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि लाखों किसानों और श्रमिकों के लिए रोजगार का साधन भी है।

भविष्य और टिकाऊ विकास

इस साल रोम में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) मुख्यालय में विश्व कपास दिवस का मुख्य आयोजन हो रहा है, जहां टिकाऊ व्यापार और कपास क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा होगी। कपास अब नई तकनीकों, जैसे थ्रीडी प्रिंटिंग में भी उपयोग हो रहा है। कपास उद्योग को और टिकाऊ बनाने के लिए नीतियों को मजबूत करना जरूरी है, ताकि यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ पहुंचाए।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.