इंडिया गठबंधन में सीएम-डिप्टी सीएम पदों पर खींचतान

बिहार चुनाव की घोषणा के बाद महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) में सीट शेयरिंग नहीं हो पाई है। इसके चलते सीएम फेस को लेकर भी संशय बना है। हालांकि डिप्टी सीएम पद को लेकर एक नेता ने अपना नाम तय कर दिया है। वहीं गठबंधन में नये दलों के शामिल होने के बाद राजद और कांग्रेस को अपनी सीटों में कटौती करनी पड़ सकती है।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन में मुख्यमंत्री (सीएम) और उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) पदों को लेकर खींचतान तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस, वाम दलों और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) जैसे सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग के साथ-साथ सीएम और डिप्टी सीएम के पदों पर असहमति उभर रही है। गठबंधन समन्वय समिति के चेयरमैन तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हो रही हैं बैठकों में इन मुद्दों पर अंतिम मुहर लगाने की कोशिश की जा रही है।

किसको कितनी सीटें !

सूत्रों के अनुसार, बिहार में इंडिया गठबंधन में राजद बड़े भाई की भूमिका में होगा। इंडिया गठबंधन में जो सीट शेयरिंग फॉर्मूला तैयार हुआ है उसमें राजद को 125 सीट, कांग्रेस को 55 से 57 सीट, लेफ्ट पार्टियों को 35 सीट जबकि मुकेश सहनी की पार्टी VIP पार्टी को 20 सीट, पशुपति पारस को तीन और जेएमएम को 2 सीटें मिल सकती हैं। लेकिन अभी भी कांग्रेस और आरजेडी में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। दोनों ही पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि सब कुछ फिक्स हो गया है। हालांकि
कुछ सीटों पर अभी भी विवाद बरकरार है। वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने डिप्टी सीएम पद की मांग की है, जबकि कांग्रेस और आरजेडी के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति नहीं बनी है। वहीं डिप्टी सीएम पद को लेकर भी घटक दलों के बीच खींचतान चल रही है।

खींचतान गठबंधन की ताकत को कर सकती कमजोर

गठबंधन के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी दल चुनाव में एकजुट होकर एनडीए को चुनौती देना चाहते हैं, लेकिन पदों के बंटवारे से पहले आंतरिक समन्वय जरूरी है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि समिति ही सीएम-डिप्टी सीएम के दावेदारों और सीट फॉर्मूले पर अंतिम फैसला लेगी। एआईएमआईएम जैसे दलों को शामिल करने पर भी चर्चा चल रही है, लेकिन अभी कोई ठोस सहमति नहीं बनी।

गठबंधन की सफलता मतभेदो को सुलझाने पर निर्भर

चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि यह खींचतान गठबंधन की ताकत को कमजोर कर सकती है, खासकर जब एनडीए मजबूत स्थिति में है। फिर भी, विपक्षी नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर जनता के बीच अपनी उपलब्धियों को गिनाने की योजना बना रहे हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान होने बाद यह विवाद और तेज हो सकता है। गठबंधन की सफलता अब इन आंतरिक मतभेदों को सुलझाने पर निर्भर करेगी।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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