नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है। 6 अक्टूबर को भारतीय मौसम विभाग ने ताजा अपडेट में बताया कि उत्तर अफगानिस्तान के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच यह विक्षोभ मौसम को और उग्र बना रहा है। अगले चार-पांच दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से मानसून के लौटने की उम्मीद है।
भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका है। खासकर दिल्ली, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बादल जमकर बरस सकते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी 64.5 से 115.5 मिमी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी वर्षा के आसार हैं।
बिजली और तेज हवाओं का खतरा
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु तट पर चक्रवाती प्रसार के कारण पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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बाढ़ का बढ़ता खतरा
अगले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा, साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अनंतनाग, डोडा, कठुआ, पुंछ, राजौरी जैसे जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने की जरूरत है। लोगों से निचले इलाकों में सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।



