लखनऊ: बख्शी का तालाब (बीकेटी) तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर ग्राम सभा में लगभग 150 किसानों की पट्टा आवंटन पत्रावली के रहस्यमय ढंग से गायब होने को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शुक्ला ‘तिरंगा महाराज’ ने इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए एक ज्ञापन पुलिस विभाग को सौंपा है, जिसमें दोषी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
दीपक शुक्ला ‘तिरंगा महाराज’ ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब किए गए हैं, जिससे किसानों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। तिरंगा महाराज का कहना है कि वर्ष 2002 में, ग्राम सभा सुल्तानपुर में भूमि प्रबंधक समिति द्वारा खुली बैठक में लगभग 150 किसानों को ग्राम समाज की भूमि का वैधानिक आवंटन किया गया था। इस आवंटन के बाद पट्टा आवंटन पत्रावली तैयार की गई थी और सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित होने के बाद, वर्ष 1409-1414 फसली वर्ष की खतौनी में किसानों के पक्ष में 104 प्रविष्टियाँ भी अंकित की गई थीं, लेकिन हाल ही में ग्राम में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आवंटन से संबंधित पत्रावली तहसील बख्शी का तालाब में उपलब्ध नहीं है।
पत्रावली गायब होने के आधार पर चल रहे किसानों के खिलाफ मुकदमे
उन्होंने कहा कि तिरंगा महाराज का आरोप है कि पत्रावली गायब होने के आधार पर किसानों के खिलाफ मुकदमे चलाए जा रहे हैं और जानबूझकर डबल इंद्राज का विवाद तैयार किया गया है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि पट्टा आवंटन पत्रावली के अनुमोदन के बाद ही खतौनी में इंद्राज किए गए थे। इसका मतलब है कि पत्रावली पहले मौजूद थी, लेकिन अब जानबूझकर छिपा दी गई है।
डीएम सहित कई अधिकारियों को दिया गया ज्ञापन, फिर भी कार्रवाई नहीं
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी जिलाधिकारी लखनऊ, उपजिलाधिकारी बीकेटी और अन्य सक्षम अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। ज्ञापन सौंपते हुए ‘तिरंगा महाराज’ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कर किसानों को न्याय नहीं दिया गया और उनके पट्टे बहाल नहीं किए गए, तो किसानों में बड़ी नाराजगी है और यह विरोध और भी बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी और प्रभावी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।



