RSS के 100 वर्षों पर PM ने लिखा लेख

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। आरएसएस के शताब्दी पर प्रधानमंत्री मोदी ने लेख लिखा है

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1952 में विजयादशमी के दिन समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से आरएसएस की स्थापना की गई थी। आरएसएस के शताब्दी पर प्रधानमंत्री मोदी ने लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने आरएसएस को लेकर अपने विचार साझा किए हैं।

पीएम मोदी लिखते हैं:

सौ वर्ष पूर्व, विजयादशमी के पावन पर्व पर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। यह किसी सर्वथा नवीन चीज़ का सृजन नहीं था। यह एक प्राचीन परंपरा का नवीन प्रकटीकरण था, जहां भारत की सनातन राष्ट्रीय चेतना समय-समय पर, विभिन्न रूपों में, समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को अभिव्यक्त करती है। हमारे समय में, संघ उस शाश्वत राष्ट्रीय चेतना का मूर्त रूप है। यह हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हम संघ की शताब्दी वर्षगाँठ के साक्षी बन रहे हैं। सौ वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में, भारत सरकार ने एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया है।

PM Modi

समाज को पोषित करता संघ

मानव सभ्यताएं महान नदियों के तट पर फली-फूलीं। इसी प्रकार, संघ के प्रभाव से असंख्य जीवन फले-फूले हैं। एक नदी अपने जल से जिस भी भूमि को छूती है, उसके प्रत्येक भाग को समृद्ध बनाती है। इसी प्रकार, संघ ने हमारे राष्ट्र के प्रत्येक भाग, हमारे समाज के प्रत्येक क्षेत्र को पोषित किया है। एक नदी प्रायः अनेक धाराओं में परिवर्तित होकर अपना प्रभाव बढ़ाती है। संघ की यात्रा में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। अपने विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के माध्यम से, संघ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र, जैसे शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, आदिवासी कल्याण, महिला सशक्तिकरण आदि में कार्य करता है। यद्यपि उनके कार्यक्षेत्र विविध हैं, फिर भी वे सभी एक ही भावना और एक ही संकल्प के प्रतीक हैं: ‘राष्ट्र प्रथम’।

न हिंदू पतितो भवेत्

सदियों से, जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियां हिंदू समाज के लिए चुनौतियां रही हैं। डॉ. हेडगेवार के समय से लेकर आज तक, संघ का प्रत्येक सदस्य, प्रत्येक सरसंघचालक, इस भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करता रहा है। परम पूज्य गुरुजी ने निरंतर ‘न हिंदू पतितो भवेत्’, अर्थात ‘कोई भी हिंदू कभी पतित नहीं हो सकता’ की भावना को आगे बढ़ाया। वर्तमान समय में, वर्तमान सरसंघचालक, मोहन भागवत ने एकता का स्पष्ट आह्वान करते हुए, सभी के लिए एक कुआँ, एक मंदिर, एक श्मशान का आह्वान किया है।

PM Modi

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RSS का ठोस रोडमैप

आखिर में प्रधानमंत्री लिखते हैं कि एक सदी पहले जब संघ की स्थापना हुई थी, उस समय की ज़रूरतें और संघर्ष आज से अलग थे। आज, जैसे-जैसे भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। विदेशी देशों पर निर्भरता, हमारी एकता को खंडित करने की साज़िशें, घुसपैठ के ज़रिए जनसांख्यिकीय परिवर्तन, और भी बहुत कुछ। हमारी सरकार इनका सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है। मुझे खुशी है कि आरएसएस ने भी इनका सामना करने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के मिशन में संघ का योगदान महत्वपूर्ण होगा।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

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