पटना : विधानसभा चुनावी माहौल के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने आज कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार चलाने के योग्य नहीं रह गए। उम्र हो गई। बिहार को तेज रफ्तार से तेजी के साथ विकास करना है। हम नई सोच के हैं नया बिहार बनाना है। एनडीए के लोगों ने अति पिछड़ा समाज को केवल ठगने का काम किया है। केवल वोट बैंक बनाकर रखा है। जब हमारी सरकार बनेगी, तब अति पिछड़ा केवल वोट बैंक नहीं रहेगा बल्कि पावर बैंक बनेगा।
बिहार के परिपेक्ष में RESPECT का मतलब
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार को हम रिस्पेक्ट यानी सम्मान दिलाने का काम करेंगे। उन्होंने बिहार के परिपेक्ष में RESPECT का मतलब भी समझाते हुए बताया कि R-रोजगार, E-एजुकेशन, S-स्वास्थ, P-पलायन मुक्त, E-इक्वलिटी, C-क्राइम मुक्त, T-टेक्नोलॉजी एंड टूरिज्म। इन तमाम मुद्दों पर काम करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि हमको नया बिहार बनाना है। बिहार मेरा विकसित हो और यह तभी बनेगा जब पढ़ाई, दवाई, कमाई, सुनवाई होगी। जब आरजेडी की सरकार बनेगी तब अति पिछड़ा केवल वोट बैंक नहीं रहेगा, बल्कि पावर बैंक बनेगा। अति पिछड़ा समाज को सिर्फ गिनती के लिए इस्तेमाल करने की राजनीति अब खत्म होनी चाहिए। उन्हें सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का हक मिलेगा। आजादी के बाद से अब तक अति पिछड़े वर्ग को केवल गिनती की राजनीति का हिस्सा बनाया गया, लेकिन उनकी हिस्सेदारी कभी वास्तविक रूप से तय नहीं की गई। तेजस्वी ने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर न सिर्फ रोजगार और शिक्षा में अति पिछड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी, बल्कि उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक फैसलों में भी सक्रिय भूमिका दी जाएगी।
कर्पूरी ठाकुर का जिक्र
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कर्पूरी जी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को हक दिलाने की लड़ाई लड़ी थी। आज उसी अधूरे सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने अति पिछड़ा वर्ग का सिर्फ ‘सियासी इस्तेमाल’ किया है। असल में उनकी नीतियों से समाज को कोई वास्तविक लाभ नहीं हुआ।
राजनीतिक मायने
तेजस्वी का यह बयान साफ तौर पर चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बिहार की करीब 130 विधानसभा सीटों पर अति पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में तेजस्वी का यह वादा राजद के लिए अति पिछड़ा समाज में पैंठ बनाने का सीधा प्रयास है।



