पटना: उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के कई राज्यों में ‘आई लव मोहम्मद’ का विवाद तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ यह मामला अब उत्तराखंड, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार तक पहुंच चुका है। कई राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोग “I Love Mohammad” के पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे, तो कई जगहों पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं।
बिहार में भी असर
पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र में ‘आई लव मोहम्मद’ नाम का बैनर लगाने और उसे नोचने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। मामला जोगी चक सोसा और मुगल टोली गांव की सीमा का है। पूर्णिया सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे विवाद के पीछे कौन लोग थे। हालांकि, वहां फिलहाल शांति का माहौल है, लेकिन बिहार में इस मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के उन्नाव, बरेली, कौशांबी, लखनऊ और महाराजगंज जैसे शहरों में इसको लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। बरेली में शुक्रवार को मामला इतना बिगड़ गया कि स्कूल तक बंद कराने की नौबत आ गई। यहां मुस्लिम समुदाय और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अब इसका असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है। सत्तापक्ष के नेता इस विवाद पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह का कांग्रेस, राजद और ओवैसी पर निशाना
बेगूसराय से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस, राजद और ओवैसी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कांग्रेस देश के अंदर गृहयुद्ध कराना चाहती है। राजद के लोगों ने भी यही मुद्दा उठाया था जब नेपाल और बांग्लादेश में घटनाएं घटी थीं। राहुल गांधी ने इतना भड़काया कि आज देश इसका दुष्परिणाम भुगत रहा है। इस पूरे विवाद के पीछे राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और ओवैसी जैसे लोग खड़े हैं। इन्हें भारत का विकास नहीं दिखता, बिहार का विकास नहीं दिखता, बल्कि ये लोग सिर्फ सत्ता के लिए देश के लोगों को लड़ाने में लगे हुए हैं। सबसे पहले अगर नाम लेना हो तो मैं ओवैसी का लूंगा।” दरअसल असदुद्दीन ओवैसी इसे मुस्लिम आस्था से जोड़ रहे हैं तो गिरिराज सिंह इसे गृह युद्ध की साजिश बता रहे हैं। नतीजा यह कि सीमांचल से बेगूसराय तक इस विवाद ने ध्रुवीकरण की राजनीति को हवा दे दी है। चुनावी हवा में ये विवाद जैसे मसाला डाल रहा है, जहां वोटरों का ध्रुवीकरण तय हो रहा है। क्या ये बिहार की राजनीति को नया रंग देगा या सिर्फ आग लगाएगा !
विवाद की जड़
यह विवाद 4 सितंबर को कानपुर (रावतपुर) में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान शुरू हुआ। जब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने “I Love Mohammad” लिखा हुआ बैनर निकाला। इसका हिंदू संगठनों ने विरोध किया और आरोप लगाया कि जुलूस में नई परंपरा शुरू की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस ने कहा कि धार्मिक जुलूस में सरकारी नियमों के अनुसार नए रिवाज नहीं जोड़े जा सकते। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच पोस्टर फाड़ने को लेकर विवाद और बढ़ गया।



