भागलपुर: भागलपुर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है। ऐसे में टिकट की दौड़ में दर्जनों दावेदारों ने ताल ठोक दी है। पटना से दिल्ली तक बीजेपी के शीर्ष नेताओं के दरवाजे खटखटाने से लेकर शहर में होर्डिंग्स और बैनरों के जरिए शक्ति प्रदर्शन तक, दावेदार कोई कसर नहीं छोड़ रहे, जो नेता होर्डिंग्स नहीं लगा पाए, वे गुपचुप तरीके से शीर्ष नेताओं के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।
दावेदार खुद को जनता का हितैषी बता रहे
कई दावेदारों ने जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया है। वे मतदाताओं के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में साथ देने का वादा कर रहे हैं और बड़े-बड़े वादों के साथ खुद को जनता का सबसे बड़ा हितैषी बता रहे हैं। बीते दिनों एनडीए के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी कई नेताओं ने अपनी ताकत दिखाई। लाजपत पार्क में आयोजित इस सम्मेलन में रोहित पांडेय, पवन मिश्रा, अर्जित शाश्वत चौबे, बंटी यादव, विजय साह, डा. प्रीति शेखर, प्रशांत विक्रम, दिलीप मिश्रा सहित कई मंडल अध्यक्ष भी शामिल थे। खास बात यह रही कि इन नेताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी नजर आईं, जो ढोल-नगाड़ों के साथ अलग-अलग टोलियों में लाजपत पार्क पहुंचीं।
सम्मेलन में कई दावेदारों ने अपने कार्यकर्ताओं के जरिए नारे लगवाए, ताकि पार्टी के शीर्ष नेताओं का ध्यान खींच सकें। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल न होने से कुछ नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा। फिर भी, इन नेताओं ने होर्डिंग्स और बैनरों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

आगे की चुनौती
अगले दो सप्ताह में टिकट का फैसला हो जाएगा। जिन्हें टिकट मिलेगा, वे प्रचार में जुट जाएंगे, लेकिन जिन्हें निराशा हाथ लगेगी, उनके द्वारा भीतरघात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में भागलपुर सीट पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित करना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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बीजेपी जिलाध्यक्ष का कहना
भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार का कहना है कि भाजपा का परिवार बड़ा है, किसी में कोई नाराजगी नहीं है। संगठन को शिरोमणि मानने वाले ही संगठन का सिरोधार करते हैं। संगठन के ही किसी व्यक्ति को टिकट मिलेगा और सारे लोग मिलकर उन्हें जीताने का काम करेंगे।



