नई दिल्ली: स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 के तहत साफ-सफाई के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से सोमवार को रेलवे बोर्ड सांस्कृतिक दल द्वारा रेल भवन में स्वच्छता जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अपूर्व प्रतिभा और पंकज विशाल द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद सांस्कृतिक दल ने स्वच्छता मिशन पर आधारित सामूहिक गीत पेश किया। साथ ही, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छ आदतों की आवश्यकता और उसके लाभों को विस्तार से बताया। कलाकारों ने इस नाटक के माध्यम से स्वच्छता के महत्व को दर्शाया और नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया।
स्वच्छता का सही अर्थ समझाने की कोशिश
नुक्कड़ नाटक में दिखाया गया कि स्वच्छता का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि हमारे सामने से कचरा हटा दिया जाए, बल्कि यही कचरा हमारे आसपास पड़ा रहता है और हमें प्रतिदिन बीमारियों से घेरता है। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि स्वच्छता हमारे शरीर, हमारे शहर और हमारे आस-पास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
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गांव, शहर, रेलवे स्टेशन व देश को स्वच्छ रखने में योगदान दें
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक व्यक्ति से साल में 100 घंटे और प्रति सप्ताह 2 घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान करने का आह्वान किया है। हम सबको संकल्प लेना होगा कि सदैव स्वच्छता के प्रति जागरूक रहेंगे और अपने गांव, शहर, रेलवे स्टेशन तथा देश को स्वच्छ रखने में योगदान देंगे। इस मौके पर टी.पी. चावला, हर्ष सिंह, दिव्या खुराना और पंकज विशाल ने स्वच्छता पर आधारित अपनी स्वरचित कविताओं का वाचन कर सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम का संयोजन संयुक्त सचिव, रेलवे बोर्ड टी. श्रीनिवास ने किया, जबकि मंच संचालन प्रीति मान ने किया। इस मौके पर सदस्य (वित्त) उषा वेणुगोपाल, सदस्य (अवसंरचना) नवीन गुलाटी, महानिदेशक (आरपीएफ) सोनाली मिश्रा, महानिदेशक (मानव संसाधन) आर. राजगोपाल, महानिदेशक (संरक्षा) हरि शंकर वर्मा तथा सचिव, रेलवे बोर्ड अरुणा नायर सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित रहे।



