पटना: बिहार में विधानसभा का चुनाव होने वाले हैं और इसको लेकर राष्ट्रीय जनता दल में तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर निकले लेकिन उनके इस यात्रा पर निकलने के साथ ही उनके परिवार और पार्टी के अंदर जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है। तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने अपने भाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दरअसल संजय यादव पर बिहार अधिकार यात्रा में तेजस्वी यादव की बस की अगली सीट पर वो बैठे दिखे। आरजेडी में बहुत से लोगों को ये नागवार लगा। लालू यादव को किडनी देने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर ये मामला उठा दिया। मतलब साफ है कि रोहिणी की बात भी जब घर में अनसुनी हो गई तो उन्होंने ये कदम उठाया होगा।
रोहिणी ने सोशल मीडिया पर जाहिर की नाराजगी
रोहिणी आचार्य ने फेसबुक और एक्स पर पार्टी और परिवार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा मैं एक बेटी और बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं ना मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए आत्म सम्मान सर्वोपरि है। इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि लालू प्रसाद यादव के परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है।
मैंने एक बेटी व् बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूँगी , मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है ,मेरे लिए मेरा आत्म – सम्मान सर्वोपरि है 🙏
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 19, 2025
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने परिवार के खिलाफ मोर्चा खोला था
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने अपने परिवार के खिलाफ जबरदस्त तरीके से मोर्चा खुला था। रोहिणी आचार्य का यह विरोध तीन दिन पहले शुरू हुआ जब बिहार अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव के कुर्सी पर संजय यादव बैठते हुए नजर आए थे संजय यादव तेजस्वी यादव के साथ पहली सीट पर बैठे थे जहां पर तेजस्वी हमेशा बैठा करते हैं। यहा तस्वीर सामने आने बाद रोहिणी आचार्य ही नहीं बल्कि राजद के अंदर भी कई नेताओं यह नगवार गुजरा। सोशल मीडिया यूजर आलोक कुमार ने पहले एक्स पर कहा आगे की सीट सदैव सिर्फ नेतृत्व के लिए होती है। यदि कोई स्वयं को उससे बड़ा मानने लगे तो यह गंभीर संकेत है। इसके बाद इस पोस्ट को रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स पर बिना कुछ लिखो साझा किया। इसके बावजूद संजय यादव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह पोस्ट परिवार में भूचाल लेकर आया है. कहा जा रहा है लालू की नाराजगी के बाद रोहिणी ने घुटने टेक दिए। शुक्रवार शाम को डैमेज कंट्रोल करने के लिए रोहिणी आचार्य ने एक और फोटो शेयर किया और एक्स पर लिखा कि वंचित और समाज के आखिरी पायदान पर खड़े रहने वाले समूह को आगे लाना ही राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के सामाजिक आर्थिक न्याय के अभियान का मूल मकसद रहा है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव पर इस तरीके के आरोप लगे है इसके पहले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी कई बार आरोप लगाए हैं कई बार तो उन्होंने संजय यादव को जयचंद भी कहा है।
रोहिणी आचार्य को लोस चुनाव में हार का सामना पड़ा था
रोहिणी आचार्य 2024 लोकसभा चुनाव में सारण छपरा से चुनाव लड़ी थी लेकिन उनका हर का सामना करना पड़ा था इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के राजीव प्रताप रूडी ने रोहिणी आचार्य को 13661 वोट से हरा दिया था रूडी को कल 4 लाख 71752 वोट मिले जबकि रोहिणी आचार्य को 4,58,091 वोट मिले हैं यह हर राष्ट्रीय जनता दल के लिए झटका मारा गया खास कर इसलिए क्योंकि यह सीट लालू प्रसाद यादव के परिवार के प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थी लाल यादव खुद भी सीट से 2009 में सांसद रह चुके हैं



