नई दिल्ली: अमेरिकी टेक जायंट एप्पल ने हाल के वर्षों में भारत को अपने वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया है। आईफोन 17 सीरीज के सभी वेरिएंट्स का निर्माण पहली बार भारत में हो रहा है। ऐसे में अमेरिकी बाजार में लॉन्च के पहले ही दिन ‘मेड इन इंडिया’ मॉडल्स उपलब्ध होंगे। इसी सिलसिले में अब कंपनी अपने पहले फोल्डेबल आईफोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन भी भारत में शिफ्ट करने की योजना बना रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल ने ताइवान में प्रारंभिक टेस्टिंग के लिए मिनी पायलट लाइन सेटअप की है, जहां उपकरणों की जांच और फाइन-ट्यूनिंग होगी। एक बार प्रक्रिया परिपक्व होने पर, यह पूरी तरह भारत स्थानांतरित हो जाएगी, जो देश की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बूस्ट देगी।
2026 में 9 करोड़ यूनिट्स का लक्ष्य
मीडिया स्रोतों के अनुसार, एप्पल 2026 की फोल्डेबल आईफोन लाइनअप के लिए कुल 9.5 करोड़ यूनिट्स का उत्पादन लक्ष्य रख रही है, जो 2025 की तुलना में 10% अधिक है। यह कदम कंपनी की भारत-केंद्रित रणनीति का हिस्सा है, जहां फॉक्सकॉन और अन्य पार्टनर्स के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है। ताइवान में सीमित उत्पादन के बाद, भारत में मास प्रोडक्शन शुरू होगा, जो न केवल लागत घटाएगा बल्कि स्थानीय रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा देगा। हालांकि, ऐप्पल ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सप्लायर्स के साथ चल रही चर्चाएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रही हैं।
फोल्डेबल आईफोन के प्रमुख फीचर्स
यह पहला फोल्डेबल आईफोन बुक-स्टाइल डिजाइन पर आधारित होगा, जिसमें 5.5-इंच कवर डिस्प्ले और अंदर 7.8-इंच बड़ा फोल्डेबल पैनल होगा। अनफोल्ड होने पर मोटाई महज 4.5mm रहेगी, जबकि फोल्डेड स्टेट में 9-9.5mm। कैमरा सेटअप में चार सेंसर शामिल होंगे: दो रियर, एक इनर स्क्रीन और एक कवर डिस्प्ले पर। सुरक्षा के लिए फेस आईडी की जगह साइड-माउंटेड टच आईडी का उपयोग होगा, जो स्पेस बचाएगा। यह डिवाइस केवल ई-सिम को सपोर्ट करेगा, फिजिकल सिम स्लॉट नहीं होगा। टाइटेनियम एलॉय चेसिस से मजबूती मिलेगी और सैमसंग डिस्प्ले द्वारा बनाया गया OLED पैनल क्रिस्प विजुअल्स देगा। कुल मिलाकर, यह प्रीमियम फीचर्स के साथ फोल्डेबल मार्केट में एप्पल की मजबूत एंट्री होगी।
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लॉन्च टाइमलाइन और संभावित कीमत
एप्पल का यह फोल्डेबल आईफोन आईफोन 18 सीरीज के साथ सितंबर 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है। प्रोडक्शन लेट 2025 में शुरू होगा। ऐसे में शुरुआती शिपमेंट 3-5 मिलियन यूनिट्स के बीच रहेगा। भारत में कीमत लगभग 1.75 लाख रुपये से शुरू हो सकती है, जो ग्लोबल प्राइस टैग $1,999 के बराबर है। यह ऊंची कीमत के बावजूद एप्पल की इकोसिस्टम और इनोवेशन के कारण डिमांड क्रिएट करेगी। फोल्डेबल मार्केट 2030 तक $118 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है और एप्पल इसमें बड़ा हिस्सा हासिल कर सकता है।
भारत के लिए क्या मतलब?
यह विकास भारत को ग्लोबल टेक हब के रूप में स्थापित करेगा। ‘मेक इन इंडिया’ को बल मिलेगा और EV से लेकर स्मार्टफोन्स तक मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को सस्ते आयातित पार्ट्स का फायदा मिलेगा, लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की पहुंच आसान होगी।



