पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी मुहिम को धार देना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बाद कांग्रेस ने उम्मीदवारों के लिए 76 सीटों की पहचान की है। इन सीटों पर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने से लेकर वोटर आधार के विस्तार के लिए पार्टी की ओर से योजना बनाई गई है। पार्टी का लक्ष्य महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के दौरान इनमें से अधिक से अधिक सीट अपने पाले में करने की है। इस बीच तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर अकेले निकले हैं और इधर कांग्रेस ने अपने 38 उम्मीदवार फाइनल कर दिए।
इस वक्त सबसे ज्यादा चिंता का विषय महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर है और इसमें भी राष्ट्रीय जनता दल की मुश्किलें 76 सीटों को लेकर बढ़ सकती हैं। बीते दिनों देर रात्रि तक बिहार कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ सदाकत आश्रम में घंटे बैठक चली है और इस बैठक में यह फैसला लिया गया है कि इस बार विधानसभा का चुनाव किसी भी कीमत पर कांग्रेस 70 सीटों से काम में नहीं लड़ेगी। बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्ण अल्लाह वरुण बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम शकील अहमद राजेश राठौर अखिलेश सिंह सहित कई दिग्गज विधायक और नेताओं का जमावड़ा लगा था।
कांग्रेस की बड़ी बैठक 24 को
आजादी के बाद बिहार में यह पहला मौका होगा, जब कांग्रेस की विस्तारित वर्किंग कमेटी की बैठक 24 सितंबर को सदाकत आश्रम में होगी। बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार विधानसभा चुनाव है। बैठक के बाद कांग्रेस अपने 38 उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है। बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पहले ही कह दिया है कि इस बार सीटों को लेकर कोई समझौता महागठबंधन के अंदर नहीं करेंगे
सीट बंटवारे को लेकर नेताओं में नाराजगी
कांग्रेस के अंदर भी सीटों को लेकर कई नेताओं की नाराजगी देखने को मिली कल जब बैठक हो रही थी तो उसे दरमियां अखिलेश सिंह जो कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके अलावा अजीत शर्मा जो भागलपुर से पूर्व में विधायक रह चुके हैं। वह बैठक बीच में छोड़कर बाहर जाते हुए दिखे और उनके चेहरे पर नाराजगी साफ देखी जा रही थी। दरअसल यह नाराजगी अपने अनुसार उम्मीदवारों के चयन को लेकर हैं यानी कि अखिलेश सिंह चाहते हैं कि उनके द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को टिकट मिले इसके अलावा अजीत शर्मा भी चाहते हैं कि उनके मुताबिक ही सीटों का बंटवारा हो लेकिन कांग्रेस के अंदर ही दो नेताओं की नाराजगी से स्पष्ट हो रहा है कि बिहार कांग्रेस में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
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वर्किंग कमेटी की बैठक की तैयारी में जुटी कांग्रेस
पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक को लेकर जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत दिग्गज नेता शामिल होंगे। इससे पहले वर्ष 1912 और 1922 और 1940 में कांग्रेस के केंद्रीय कार्य समिति की बैठक पटना में हो चुकी है।



