नालंदा: नालंदा के राजगीर में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का दौरा स्थानीय लोगों और दशरथ मांझी के प्रशंसकों के लिए एक प्रेरणादायक क्षण बन गया। मांझी ने परिवार के साथ राजगीर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया, जिसमें मांझी झूला और कुंड स्थल का भ्रमण शामिल रहा। इस दौरान उन्होंने दशरथ मांझी के असाधारण योगदान को याद किया, जिन्होंने अपने समुदाय के लिए पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था। जीतन राम मांझी ने कहा, दशरथ मांझी का कार्य केवल प्रेम कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक समर्पण का प्रतीक है। सरकार को चाहिए कि उनके परिवार को मरणोपरांत पूर्ण सम्मान के साथ सहायता प्रदान की जाए।
मांझी ने बिहार की एनडीए सरकार के विकास कार्यों को सराहा
मांझी ने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार के विकास कार्यों की प्रशंसा की और विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, जो लोग बिहार के विकास को नहीं देख पाते, उनकी आंखें बंद हैं। राजगीर के गुरुद्वारा परिसर में टांगा, ई-रिक्शा चालक और फुटपाथी दुकानदार संघ ने उनका भव्य स्वागत किया। संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने स्थानीय समस्याओं, जैसे यातायात और आजीविका से जुड़े मुद्दों, को उनके सामने रखा। मांझी ने इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया।
उनके साथ हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण भी मौजूद थे। मांझी ने कहा, राजगीर न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की मेहनत का भी प्रतीक है। उनकी समस्याओं को हल करना मेरी प्राथमिकता है। यह दौरा न केवल दशरथ मांझी के प्रति सम्मान को रेखांकित करता है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का भी प्रयास है।
राजगीर की प्राकृतिक सुंदरता व पर्यटन बढ़ावा देने पर जोर
इस दौरे में मांझी ने राजगीर की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन के दृष्टिकोण से बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजगीर की पंच पहाडिय़ां और ऐतिहासिक स्थल बिहार के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं, बशर्ते स्थानीय समस्याओं का समाधान हो।



