देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार देर रात बादल फटने और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सहस्रधारा में देर रात बादल फटने की घटना हुई। इससे कई होटल और दुकानें बह गईं। कई लोग लापता हैं। झाझरा के पास परवल गांव में आठ मजदूर आसन नदी के तेज बहाव में लापता हो गए, एक ट्रैक्टर और स्कूटी भी बह गए। नंदा की चौकी का पुल भी बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
तमसा नदी उफान पर आ गई
उत्तराखंड में सोमवार रात हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने भीषण तबाही मचाई है। इस मूसलाधार बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर आ गई, जिससे देहरादून का प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि सुबह 5 बजे के आसपास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पूरा मंदिर परिसर पानी में डूब गया।
चारों तरफ तबाही का मंजर
देहरादून के बाहरी इलाकों में बादल फटने के कारण सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार में घुस गया, जिससे कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर फन वैली के पास एक पुल के बह जाने से सड़क संपर्क टूट गया है। ऋषिकेश में भी चंद्रभागा नदी में बाढ़ आने से हाईवे पर कई वाहन फंस गए। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि देहरादून में दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।
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पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम धामी से ली आपदा की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून में आई आपदा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं । इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। कहा कि प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।



