Rahul Gandhi येलो बुक प्रोटोकॉल: क्या CRPF दर्ज करा सकती है केस?

राहुल गांधी पर विदेशी दौरों के दौरान येलो बुक प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप है, जिससे उनकी Z+ सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। CRPF केस दर्ज नहीं कर सकती है।

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नई दिल्ली: कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार येलो बुक प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप के चलते। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर बताया कि राहुल ने हाल की मलेशिया यात्रा सहित कई विदेशी दौरों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की। CRPF का कहना है कि यह उल्लंघन न सिर्फ अनुशासनहीनता है, बल्कि VVIP की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। आखिर यह येलो बुक प्रोटोकॉल है क्या, और क्या इसके उल्लंघन पर CRPF कानूनी कदम उठा सकती है? आइए समझते हैं।

येलो बुक प्रोटोकॉल: सुरक्षा का नियमावली

गृह मंत्रालय द्वारा जारी येलो बुक प्रोटोकॉल VVIPs की सुरक्षा के लिए बनाया गया एक गोपनीय दस्तावेज है। इसमें Z+, Z, Y और X जैसे अलग-अलग सुरक्षा स्तरों के लिए नियम तय किए गए हैं। प्रोटोकॉल के तहत, VVIP को कोई भी यात्रा, खासकर विदेशी, करने से पहले सुरक्षा एजेंसी को सूचित करना अनिवार्य है। विदेश यात्रा की स्थिति में कम से कम 15 दिन पहले नोटिफिकेशन देना जरूरी है, ताकि CRPF या अन्य एजेंसी रेकी और सुरक्षा इंतजाम कर सके। राहुल गांधी, जिन्हें Z+ (ASL) सुरक्षा मिली है, को 10-12 CRPF कमांडो हर समय कवर देते हैं। ASL के तहत, उनके दौरे की जगहों का पहले से निरीक्षण होता है ताकि कोई खतरा न रहे।

आरोपों का आधार: बार-बार उल्लंघन

CRPF ने दावा किया कि राहुल ने कई बार बिना सूचना दिए विदेश यात्राएं की, जैसे मलेशिया, लंदन, और अन्य देशों की। इससे सुरक्षा तैयारियों में बाधा आती है। 2020 से अब तक 113 बार प्रोटोकॉल तोड़ने की बात सामने आई है, जिसमें भारत जोड़ो यात्रा का दिल्ली चरण भी शामिल है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या CRPF इसकी शिकायत दर्ज कर सकती है?

क्या कहता है कानून?

येलो बुक का उल्लंघन सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि कुछ मामलों में कानूनी अपराध भी हो सकता है। भारतीय नवीन संहिता (BNS) की धारा 223 (लोक सेवक की अवहेलना) और धारा 132 (कर्तव्य में बाधा) इसके तहत लागू हो सकती हैं। हालांकि, CRPF को सीधे FIR दर्ज करने का अधिकार नहीं है। वे स्थानीय पुलिस या संबंधित एजेंसी को लिखित शिकायत भेज सकते हैं, जिसके बाद पुलिस जांच और FIR दर्ज करती है। अगर उल्लंघन CRPF कर्मी ने किया हो, तो आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है।

क्या हो सकता है अगला कदम?

राहुल गांधी के मामले में CRPF ने अभी सिर्फ पत्र लिखा है, लेकिन बार-बार उल्लंघन होने पर पुलिस को शिकायत जा सकती है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है, जबकि BJP ने सवाल उठाया कि राहुल क्या छिपा रहे हैं। इस विवाद ने सुरक्षा और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। VVIPs को प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, वरना कानूनी पचड़े बढ़ सकते हैं।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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